पिलखुवा। साहिबाबाद में हुए विस्फोट ने रमपुरा के तीन परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई अब कभी नहीं हो सकेगी। हादसे में घायल एक और कारीगर की रविवार देर रात मौत हो गई। एक ही मोहल्ले में चौथी मौत से शोक की लहर है।
रमपुरा निवासी राजू (32) मजदूरी कर परिवार की आजीविका में हाथ बंटाते थे। तीन भाइयों संजय, राजू और गौरव में वह मंझले थे। पिता दयाचंद और मां माया के साथ पूरा परिवार मजदूरी कर गुजर-बसर करता था। राजू की शादी भी नहीं हुई थी। परिवार को उनसे भविष्य की उम्मीदें थीं लेकिन हादसे ने सब छीन लिया।
गौरतलब है कि साहिबाबाद में रावण का पुतला बनाने के दौरान हुए विस्फोट में इससे पहले रमपुरा निवासी अनिल कुमार की छह अक्तूबर उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उनके बेटे ऋषभ ने नौ अक्तूबर को दम तोड़ दिया। इसके बाद रमपुरा निवासी कारीगर महेंद्र (42) की 10 अक्तूबर देर रात को उपचार के दौरान मौत हो गई। अब राजू की मौत से हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या चार हो गई है। तीन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिन घरों में अपनों की वापसी की उम्मीद थी, वहां अब मातम पसरा है।
कारीगर राजू का फाइल फोटो।