उत्तराखंड से दिल्ली जा रही वॉल्वो कमानी टूटने से देर रात को डिवाइडर से टकराकर हाईवे पर पलट गई। इसमें सवार 35 यात्री घायल हो गए। उनमें से 8 गंभीर हालत वाले यात्रियों को हापुड़ और मेरठ रेफर कर दिया गया।
उत्तराखंड के हल्द्वानी से दिल्ली के आनंद विहार में जा रहे वॉल्वो बस सोमवार देर रात में सिंभावली क्षेत्र के गांव बक्सर पहुंची, तो कमानी टूटने से अनियंत्रित हुई बस, डिवाइडर से टकराकर हाईवे पर पलट गई। इस हादसे के दौरान बस में सवार 65 यात्रियों में 35 घायल हो गए,
जिनमें 28 लोग एक ही खानदान और आपस में रिश्तेदार हैं। हादसे के बाद चालक और क्लीनर घायल यात्रियों की मदद करने की बजाए बस को छोड़कर वहां से भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में गढ़, हापुड़ और सिंभावली की एंबुलेंस समेत पुलिस की चार गाड़ी मौके पर बुला लीं।
जो स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को निजी अस्पताल समेत पीएचसी में ले आईं। इलाज के दौरान हालत बिगड़ती देख चिकित्सकों ने पूर्णिमा, विनोद, साक्षी, हरीश, पंकज, जसप्रीत, चंचल और सुमन चौहान को हापुड़ रेफर कर दिया। जब हापुड़ में भी हालत में सुधार नहीं आया तो उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया।
सुमन चौहान, अपनी बेटी मन्नत निवासी कोटा राजस्थान, पूर्र्णिमा, विनोद, साक्षी निवासी नोएडा, हरविंद्र, मनप्रीत, जसप्रीत, गुरपाल, अमरप्रीत निवासी दिल्ली अपने परिवारों के साथ नैनीताल में पिकनिक मनाकर लौट रहीं थीं।
सुरेंद्र गिल, चरणसिंह, अनुज, खेमानंद, हरीश पाठक, अर्जुन कुमार, संतोष मिश्रा, दिनेश पांडेय, सनी, ख्याली दत्त, दीपांशु, मंजू, रिया, जोनी, विजय, नेहा, रुपेंद्र एक ही खानदान से जुड़े होने के साथ ही आपस में रिश्तेदार हैं, जो दिल्ली में रहकर कामकाज करते हैं और रानीखेत से शादी में शिरकत कर लौट रहे थे।
उधर, ग्रामीण न जागते तो बड़ा हादसा हो जाता। कमानी टूटने के बाद हाईवे पर पलटी बस में एसी चल रहा था, लेकिन चालक और क्लीनर उसे बंद किए बिना ही वहां से रफूचक्कर हो गए।
हादसा होने की आवाज सुनकर गांव बक्सर में हाईवे किनारे रहने वाले अधिकांश परिवारों में जाग हो गई। दर्र्जनों लोग गहरी नींद से उठकर आनन-फानन में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को सूचना देते हुए खिड़की और शीशे तोड़कर बस में फंसे यात्रियों समेत घायलों को बाहर निकालने में जरा भी कोताही नहीं बरती।
ग्रामीणों में दो-तीन युवक मैकेनिक लाइन के जानकार भी थे। उन्होंने सबसे पहले बस में चल रहे एसी का स्विच ऑफ कर दिया, अन्यथा इस दौरान वायरिंग शॉर्ट हो जाती, तो फिर आग लगने से बरेली की तरह बस में सवार अधिकांश यात्रियों की जान जा सकती थी।
बंटी, अमजद, लवमणि ने बताया कि हादसा होने के बाद अगर कुछ देर तक और एसी चलता रहता, तो फिर वायरिंग शॉर्र्ट होने से बस में आग लगने से बड़ा हादसा हो सकता था।
वहीं एसओ दीक्षित त्यागी ने ग्रामीणों को शाबाशी देकर उनके हौंसले और हिम्मत की जमकर दाद दी। पुलिस का कहना है कि हादसे के बाद लापरवाही दिखाकर मौके से भाग खड़े हुए बस चालक और क्लीनर की तलाश कराई जा रही है।