गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ क्षेत्र के गंगा तटीय गांवों में तेंदुआ दिखाई देने के बाद ग्रामीण करीब एक सप्ताह से दहशत के बीच जी रहे हैं। मंगलवार को एडीएम संदीप कुमार और डीएफओ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव गांव नवादा पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठक की।
बैठक के दौरान डीएफओ ने कहा कि वन्य जीव संरक्षित क्षेत्र में तेंदुए व अन्य पशुओं के होने की संभावना हर समय बनी रहती है। बारिश के मौसम में भोजन और पानी की तलाश में अक्सर तेंदुए आबादी के निकट पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विचरण कर रहा तेंदुआ नरभक्षी नहीं है, जिसका प्रमाण यह है कि उसने अभी तक किसी भी मानव पर हमला नहीं किया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है, ताकि तेंदुए को जल्द पकड़ा जा सके। एडीएम संदीप कुमार ने कहा कि दिन के समय चारा लेने अथवा अन्य काम के लिए किसान खेतों पर समूह बनाकर जाएं। वहीं रात के समय घरों से बाहर न निकलें। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान रखें। वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने कहा कि यदि किसी किसान को तेंदुआ दिखाई दे, तो उसकी वीडियो बनाने के बजाए विभाग को सूचित करें, ताकि विभागीय कर्मचारी तुरंत पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर सकें। इस दौरान सीओ आशुतोष शिवम, टाइगर गार्जियन भारत भूषण गर्ग, मूलचंद आर्य आदि मौजूद रहे।
कोट -
नवादा के जंगल में दो स्थानों पर पिंजरे लगवा दिए गए हैं। इसके अलावा वन विभाग और पुलिस टीम जंगलों में लगातार कांबिंग कर रही है। ग्रामीणों को समझाते हुए उनसे सहयोग की अपील की गई है। जल्द ही तेंदुआ पकड़ में आ जाएगा। - प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, डीएफओ