हापुड़। एंटी करप्शन की कार्रवाई में पकड़े गए बेसिक शिक्षा विभाग के दोनों कर्मचारियों पर गाज गिर गई है। कनिष्ठ लिपिक दीपेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया है। साथ ही संविदा कर्मचारी निखिल शर्मा की सेवा समाप्त कर दी गई है। शासन और प्रशासन को दोनों की फाइलें भेज दी गई हैं।
गौरतलब है कि पिलखुवा के भविष्य पब्लिक स्कूल के संचालक से दोनों कर्मचारी 70 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे। प्रधानाचार्य द्वारा एंटी करप्शन में शिकायत की गई। मंगलवार को टीम ने दोनों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।
इस मामले में बीएसए रितु तोमर ने कनिष्ठ सहायक दीपेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भी भेज दी गई है। साथ ही संविदा कर्मचारी निखिल शर्मा की सेवा समाप्त कर, अनुमोदन के लिए फाइल सीडीओ कार्यालय भेज दी है।
पुराने नोटिसों पर होगी कार्रवाई
मान्यता समाप्त होने पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों को नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन स्कूलों ने मान्यता के नवीनीकरण के लिए पोर्टल पर आवेदन नहीं किया है। बीएसए का कहना है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बदले जा सकते हैं कर्मचारियों के पटल
बेसिक शिक्षा विभाग में कई साल से कर्मचारी एक ही पटल पर जमे हैं, जिनसे स्कूल संचालक काफी परेशान हैं। एंटी करप्शन की कार्रवाई से विभाग की छवि धूमिल हुई है, ऐसे में पटल बदले भी जा सकते हैं।
कोट -
कनिष्ठ सहायक दीपेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया है। संविदा कर्मचारी निखिल की सेवा समाप्त कर दी गई हैं। एंटी करप्शन की ओर से फिलहाल अधिकृत सूचना नहीं मिली है। - रितु तोमर, बीएसए।