क्षेत्र में बिना मानक पूरे किए सड़क पर दौड़ रहा स्कूली वाहन। संवाद
गढ़मुक्तेश्वर। गांव बहादुरगढ़ में सेहल चौराहे पर हुए स्कूल बस हादसे के बाद जिम्मेदार विभागों की लापरवाही सामने आई है। मंगलवार को हुए हादसे में 11 बच्चे घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद खटारा स्कूल बसों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मंगलवार को गांव बहादुरगढ़ में स्थित बीआरआरडी कॉन्वेंट स्कूल की बस और पिकअप की गांव के निकट सेहल चौराहे पर टक्कर हो गई थी। हादसा सुबह के समय हुआ, जब चालक और उसका सहयोगी आसपास के गांवों के बच्चों को बस से स्कूल लेकर आ रहे थे। घटना में बस में सवार 12 बच्चे घायल हो गए थे, जिनमें से कुछ को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला और स्कूल वाहनों की फिटनेस व सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।
हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े हादसे के बाद भी परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस ने खटारा और नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर दौड़ रहे स्कूली वाहनों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया। घटना के दूसरे दिन भी क्षेत्र में पुराने और मानक के विपरीत चलाए जा रहे स्कूली वाहन सड़कों पर दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश स्कूल बसें पुरानी और जर्जर हालत में हैं, जिनमें न तो सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही फिटनेस की नियमित जांच होती है।
सीओ स्तुति सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के मामला संज्ञान में हैं। टीम गठित कर ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान शुरु कराया जाएगा।