नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को छोइया नाले में प्रदूषण की मात्रा की जांच के आदेश दिए हैं।
छोइया नाले और काली नदी के प्रदूषण के खिलाफ मुहीम चलाने वाले जिला पंचायत सदस्य कृष्णकांत सिंह हूण की याचिका पर सुनाई करते हुए एनजीटी ने कहा कि नंगलामल शुगर मिल से 200 मीटर पहले और 200 मीटर बाद में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड छोइया के सैंपल एकत्र कर रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करे।
याचिकाकर्ता ने पिछली सुनवाई को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ज्वाइंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट को ऑब्जेक्शन फाइल कर चुनौती दी थी।
हूण ने आरोप लगाया था कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से मिलीभगत कर उसके पक्ष में रिपोर्ट दी है। मामले की अगली सुनवाई तीन मई को है।