संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। सहालग सीजन में बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। शादियों की शहनाई के बीच बैंकों में नये नोटों की गड्डी की मांग बढ़ गई है, लेकिन बैंक अधिकारियों नये नोट उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर ग्राहकों को टरका रहे हैं। बाजार में नोटों की माला, पूजा सामग्री और फूल बेचने वालों की दुकानों पर नये नोट पहुंच रहे हैं। इससे बाजार में कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। शादी-विवाह वाले परिवारों को मजबूर होकर अधिक कीमत चुकाकर नये नोट लेने पड़ रहे हैं। शादी के सीजन में नये नोटों पर इस कदर महंगाई बढ़ी है कि 10 रुपये का नोट 14 रुपये का हो गया है।
शादी के सीजन में नेग देने व जश्न के माहौल में नोट लुटाने की वजह से लोग छोटे नोटों को प्राथमिकता देते हैं। इसलिए शादी विवाह में 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की मांग ज्यादा रहती है। शहर के गढ़ रोड, रेलवे रोड, बुलंदशहर रोड स्थित अधिकांश बैंकों की शाखा सहित लगभग सभी बैंकों से 10, 20 और 50 के नए नोटों की गड्डियां गायब हैं। कुछ ब्रांचों में तो 100, 200 व 500 के नए नोटों की गड्डियां भी नहीं मिल रही हैं।
जबकि शहर के सराफा बाजार, चंडी रोड, मंडी पाटिया स्थित पूजा सामग्री और नोटों की माला की दुकानों पर नए नोट की गड्डियां उपलब्ध हैं। दुकानदार इनकी कालाबाजारी कर रहे हैं। 10 रुपये के नए नोट की गड्डी 1400 रुपये में मिल रही है। 20 रुपये की नोट की गड्डी के लिए ग्राहकों को 2600 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं, जबकि 50 रुपये की गड्डी पर 300 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। बता दें कि आरबीआई का सख्त निर्देश है कि कोई भी मुद्रा उसके तय मूल्य से ज्यादा पर खरीदी या बेची नहीं जा सकती, लेकिन जिम्मेदारों की तरफ से कार्रवाई नहीं होने के कारण धड़ल्ले से नोटों की कालाबाजारी की जा रही है।
एलडीएम राजीव गुप्ता ने बताया कि उपलब्धता के आधार पर आरबीआई चेस्ट में नई करेंसी भेजता है। दीपावली के आसपास नई करेंसी आती है, जिसको सभी बैंकों में वितरित कर दिया जाता है। फिलहाल उपलब्धता के बारे में जानकारी कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।