हापुड़। पिछले एक सप्ताह से कड़ाके की सर्दी मेंके कारण निमोनिया के मरीज तीन गुना बढ़ गए हैं। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में हर रोज आठ से दस बच्चों में निमोनिया मिल रहा है। इन्हें भर्ती कर, उपचार की आवश्यकता पड़ रही है। बीमार बच्चों में नवजात और पांच साल से कम उम्र वाले अधिक हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेय त्यागी ने बताया कि तापमान में लगातार गिरावट के साथ गलन बढ़ रही है। इसका असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इस मौसम में थोड़ी लापरवाही ही उन्हें बीमार बना रही है। नवजात बच्चों को निमोनिया तेजी से जकड़ रहा है।
ओपीडी में आने वाले बच्चों की जांच के दौरान उनकी छाती में संक्रमण मिल रहा है। हर रोज आठ से दस बच्चों में निमोनिया की पुष्टि हो रही है। इनमें दो से तीन को भर्ती करने की भी आवश्यकता पड़ रही है। हालांकि, पहले एक या दो मरीज ही निमोनिया के आते थे। उन्होंने बताया कि निमोनिया उपचार से ठीक हो जाता है, लेकिन इसमें लापरवाही पर कई बार यह जानलेवा भी साबित होता है। अभिभावक बच्चों को समस्या होने पर अस्पताल लेकर आएं।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ.संजीव ने बताया कि सर्द मौसम में पेट संबंधी रोगियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। गलत खान पान और पानी कम पीने के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या भी बन रही है। बुजुर्गों में सांस फूलना, हाथ पैर में दर्द, अंगुलियां सूजना जैसी समस्याएं अधिक आ रही हैं।
इन बातों का रखें ध्यान-
* बच्चों को सर्दी से बचाएं, गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
* बच्चे को जल्दी सुबह स्नान न कराएं।
* ठंडी खाद्य सामग्री के सेवन से बचाएं।
* फास्ट फूड का सेवन न करें।
* समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श दिलाएं।