गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था स्टाफ की कमी के कारण चरमराई हुई है।
अस्पताल में फार्मासिस्ट की नियुक्ति न होने से दवा वितरण, पर्चे बनाना और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य वार्ड बॉय के भरोसे चल रहे हैं। वहीं, लाखों रुपये कीमत की मशीनें भी शोपीस बनी हुई हैं। इससे न केवल मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी लेकिन स्टाफ की कमी के कारण अस्पताल अपनी क्षमता के अनुरूप सेवाएं नहीं दे पा रहा है।
अस्पताल में रोजाना करीब 100 से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में दवा लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट के पद खाली होने के कारण चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाओं का वितरण भी वार्ड बॉय के माध्यम से ही किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यह कार्य प्रशिक्षित फार्मासिस्ट द्वारा किया जाना चाहिए, लेकिन मजबूरी में अस्पताल प्रशासन वार्ड बॉय से ही यह काम करा रहा है। लोगों ने बताया कि जब अस्पताल का निर्माण हुआ था, तब उम्मीद थी कि ग्रामीणों को शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा, लेकिन अभी भी कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा स्टाफ की कमी के कारण अस्पताल में लगी विभिन्न मशीनों का भी कोई उपयोग नहीं हो पा रहा।