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Hapur News: 17 अगस्त को नाग पंचमी, नाग देव का होगा पूजन

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हापुड़। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाए जाने वाला नाग पंचमी का व्रत 17 अगस्त को होगा। इस दिन सुबह 5:50 से शाम 5:00 बजे तक नागदेव का पूजन और कालसर्प शांति के लिए उत्तम मुहूर्त रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को हर वर्ष नाग पंचमी पर्व मनाया जाता है। नाग देवता की पूजा को समर्पित इस पर्व पर भगवान शिव के साथ शेषनाग, वासुकी, तक्षक, कर्कोटक और अन्य नागों का स्मरण किया जाता है।
वहीं पितृ दोष व कालसर्प दोष की निवृत्ति के लिए अनुष्ठान भी इसी दिन संपन्न किया जाता है। इस दिन सुबह स्नान कर नाग देवता की मूर्ति या चित्र पर चंदन, चावल, फूल और कच्चा दूध अर्पित करके विधि-विधान से पूजा की जाती है।
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नाग पंचमी पूजा विधि
सुबह उठकर नित्य कर्म से निवृत्त होकर पूजा का संकल्प लें कि हम विषैले जीव जंतुओं से अपने परिवार की रक्षा के लिए नाग देवता के प्रसन्नता के लिए नाग देवता का पूजन करते हैं। घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें। वहां गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर, मिट्टी या आटे से, गोबर से बनी नाग प्रतिमा को स्थापित करें। नाग देवता को चंदन चावल, दूर्वा, और श्वेत पुष्प अर्पित करें। धूप-दीप दिखाएं। इसके बाद नाग देवता को दूध, गुड़ जल और मिठाई का भोग लगाएं। सपेरे के पास या सांप के बिल के पास भी दूध अर्पित कर सकते हैं।
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