हापुड़। सरकारी विभाग आम नागरिक को नियमों का पाठ पढ़ाते हैं और रौब दिखाते हैं, लेकिन जब बात सरकारी विभागों की ही आती है तो ढिलाई बरती जाती है। इसका उदाहरण जिले के 17 सरकारी विभाग हैं, जो नगर पालिका का 4.62 करोड़ रुपये का टैक्स दबाकर बैठे हैं। पालिका अफसरों के पत्राचार के बाद भी विभाग के जिम्मेदार कर जमा करने में कोई रूचि नहीं दिखा रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र 46 हजार 81 मकान, प्रतिष्ठान समेत सरकारी भवन पंजीकृत हैं। पालिका प्रशासन घरों, प्रतिष्ठानों व सरकारी भवनों को पानी, सीवरेज समेत अन्य सुविधाएं प्रदान कराता है। जिसके लिए प्रशासन अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले भवनों पर कर लगाकर वसूली करने के लिए सरकार ने अधिकृत किया हुआ है।
जिला मुख्यालय पर 17 ऐसे सरकारी विभाग हैं, जो टैक्स जमा करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। टैक्स जमा न करने की अनदेखी के चलते मौजूदा समय में विभागों पर करोड़ों का टैक्स चढ़ गया है। इनमें कई विभाग ऐसे हैं, जिन्होंने दशकों से टैक्स जमा नहीं किया है। अकेले पुलिस लाइन पर ही पालिका का 1.34 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है।
पालिका अफसरों द्वारा इन सरकारी विभागों को पत्राचार कर अनेक बार टैक्स जमा करने के लिए कहा गया है। लेकिन इसके बाद भी अधिकारी टैक्स जमा करने में कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि नगर पालिका का 17 सरकारी विभागों पर करोड़ों का टैक्स बकाया है। इसके लिए विभाग के अधिकारियों को अनेक बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी टैक्स जमा नहीं कराया गया है। अब इन विभागों की सूची तैयार कर नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।