दिल्ली रोड पर बनाया गया एबीसी सेंटर। संवाद
हापुड़। नगर पालिका ने पुराने बस अड्डे में एबीसी (पशु जन्म नियंत्रण) सेंटर का निर्माण कराकर लावारिस कुत्तों का बंध्याकरण शुरू कराया है। पिछले दो-तीन दिन में 35 लावारिस कुत्तों को पकड़कर उनका बंध्याकरण कराया गया है। इससे कई मोहल्लों के वासियों को राहत मिली है।
शहरवासी लंबे समय से कुत्तों को पकड़कर इनके बंध्याकरण की मांग कर रहे थे। आए दिन लावारिस कुत्ते गली-मोहल्लों में लोगों को काटकर घायल कर रहे हैं।
गर्मियों में तो कुत्तों के काटने के मामले बहुत अधिक बढ़ गए हैं। कई मोहल्लों में हालात यह हैं कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं अकेले घरों से नहीं निकल सकते हैं। कुत्ते इन्हें अकेला देखते ही हमला कर देते हैं। इस मामले में लगातार सभासद से लेकर शहरवासी शिकायत कर रहे थे। इसके बाद पालिका ने कुत्तों का बंध्याकरण शुरू कराया है।
यह टीम 1600 रुपये में एक कुत्ते को पकड़ेगी और उसका बंध्याकरण करके वापस कुछ दिन बाद छोड़ दिया जाएगा। पूरे शहर में एक हजार कुत्तों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलेगा। इसके लिए चिकित्सक की तैनाती भी की गई है। अभी टीम ने वार्ड संख्या नौ और 12 से कुत्तों को पकड़कर सेंटर में लाकर इनका इलाज किया है।
बता दें कि इन दिनों लावारिस कुत्ते हर दिन 30 से 40 लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, जो सीएचसी में उपचार कराने पहुंचते हैं। वहीं, लोगों ने बंदरों को भी पकड़वाने की मांग की है।
मामले में अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि पालिका की ओर से एबीसी सेंटर बनाकर लावारिस कुत्तों का बंध्याकरण कराने का कार्य प्रारंभ किया गया है। शहर के हर वार्ड में यह अभियान चलेगा।