गन्ना बकाया भुगतान और फसलों का मुनासिब दाम नहीं मिलने के विरोध में शनिवार को रालोद कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
जल्द राहत नहीं मिलने पर कार्यकर्ताओं ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। रालोद जिलाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी ने कहा कि जिले का किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, लेकिन प्रशासनिक अफसर व मिल मालिक आपस में साठगांठ कर किसानों का शोषण करने में लगे हैं।
किसान न तो अपने बच्चों की फीस भर पा रहे हैं और न ही शादी ब्याह की तैयारियां कर पा रहे हैं। युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष गौरव प्रताप ने कहा कि शासन भी किसानों की अनदेखी कर रहा है। यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने गन्ना मिलों का ब्याज माफ कर दिया है।
कोर्ट के आदेश के बावजूद किसानों को निर्धारित समय के भीतर गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है। युवा प्रकोष्ठ के महासचिव सोनी सिंह ने कहा कि धान के रेट काफी नीचे आ गए हैं। ऐसे में किसानों को फसल से लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो रहा है।
अमन सिरोही ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के नेता सिर्फ किसानों की तंगहाली पर राजनैतिक रोटियां सेकने में लगे हैं। रालोद इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
प्रदर्शन करने वालों में नितिन बाना, कालूराम, कुलदीप राठी, रामनाथ मास्टर, योगेश जाखड़, चौधरी रहीस पाल सिंह, मनोज प्रधान नली, योगेंद्र प्रधान उपैड़ा, प्रमोद डायरेक्टर आदि रहे।