हापुड़। लाठीचार्ज मामले में अब हापुड़ बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने 9 सितंबर को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार का भी एलान कर दिया है। शुक्रवार को बार काउंसिल की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी। वहीं, शुक्रवार को पांच जिलों से बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव भी हड़ताल में शामिल होंगे।
29 अगस्त को तहसील चौपला पर अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। हापुड़ बार एसोसिएशन के सचिव नरेंद्र शर्मा ने बताया कि एसआईटी में सेवानिवृत्त जज को शामिल किया गया है। लेकिन अधिवक्ताओं ने इस नाम पर विरोध जताते हुए कहा कि यह नाम भी शासन ने ही सुझाया है। ऐसे में निष्पक्ष जांच होना संभव नहीं है। एसआईटी जांच में हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश शामिल होनें चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस की बर्बता सीसीटीवी फुटेज और अन्य प्रसारित वीडियो में देखी जा सकती है। अधिवक्ताओं को निशाना बनाकर वार किया गया है। सीओ, इंस्पेक्टर समेत 141 पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद अब अधिवक्ता इनके निलंबन और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बहरहाल, हापुड़ बार एसोसिएशन के आह्वान पर 9 सितंबर को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार का एलान कर दिया गया है। आठ सितंबर को हापुड़ बार काउंसिल की बैठक होगी, इसमें मैनपुरी, ईटावा, फिरोजाबाद, फरूखाबाद की बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव समेत टीम हापुड़ आएगी।
बैठक में होगा लखनऊ या इलाहाबाद जाने का निर्णय-
हापुड़ बार एसोसिएशन की बैठक में आज अधिवक्ता यह भी निर्णय लेंगे कि उन्हें आगामी रणनीति बनाने के लिए लखनऊ जाना है या इलाहाबाद। अन्य बार एसोसिएशन से भी संपर्क किया जा रहा है। अधिवक्ताओं की मांग समस्त उच्चाधिकारियों पर कार्रवाई कराना है।
- ये है अधिवक्ताओं की मांग-
* एसआईटी में सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज को शामिल किया जाए।
* समस्त पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों का स्थानांतरण हो, लाठीचार्ज करने वाले आरोपी बर्खास्त होने चाहिए।
* अधिवक्ताओं पर लगे मुकदमे हटाए जाएं।
-अधिवक्ताओं की हड़ताल से ये कार्य हो रहे प्रभावित-
* तहसील से जुड़े समस्त कार्य प्रभावित।
* रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामे हुए बंद।
* प्रमाण पत्र व नोटरी नहीं हो पा रहीं।
* फरियादियों के वाद अधर में लटके हुए हैं।