अनधिकृत निर्माण के आरोप के बाद एचपीडीए के अफसरों ने पुलिस-प्रशासन के सहयोग से रामपुर रोड स्थित यांत्रिक मीट प्लांट सील कर दिया। इस दौरान प्लांट के कर्मचारियों ने एचपीडीए के अफसरों अभद्रता भी की। पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
रामपुर रोड पर मीट प्लांट पर अवैध निर्माण को लेकर एचपीडीए द्वारा सील करने के आदेश जारी दिए गए थे। सोमवार को एचपीडीए के अधिशासी अभियंता अजीत त्यागी, एसडीएम डा. अजय श्रीवास्तव और सीओ शैलेंद्र सिंह राठौर टीम के साथ फैक्ट्री पहुंचे।
अधिकारियों ने फैक्ट्री के करीब 31 हजार वर्ग मीटर के क्षेत्र को अनधिकृत रूप से निर्माण की बात कहते हुए सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। उनके अनुसार ये भूमि 2021 मास्टर प्लान के लिए औद्योगिक क्षेत्र में आनी है।
ऐसे में इस क्षेत्र पर अनाधिकृत तौर पर निर्माण कर कार्य किया गया जो अवैध है। अधिकारियों ने इस प्लांट के दोनों गेटों पर सील लगा दी। इस दौरान एचपीडीए के अफसरों से फैक्ट्री के कर्मियों ने अभद्रता भी की। पुलिस अधिकारियों ने समझाकर शांत किया।
इस दौरान काफी संख्या में मीट व्यापारी भी जमा हुए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर एक पक्षीय कार्रवाई के आरोप लगाए। हंगामे के बीच फैक्ट्री सील कर टीम रवाना हो गई।
अधिशासी अभियंता अजीत त्यागी ने बताया कि अवैध निर्माण वाले क्षेत्र को सील किया गया है। भविष्य में बिना अनुमति के कोई कार्य होता है तो संबधित पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मीट फैक्ट्री पर सील लगाने पहुंची टीम सीधे दोनों गेट पर गई। टीम ने फैक्ट्री के अंदर पहुंचने की कोशिश की तो अभद्रता की गई। चर्चा है कि इस दौरान फैक्ट्री में मजदूरों द्वारा कार्य किया जा रहा था, लेकिन खानापूर्ति के नाम पर टीम कार्रवाई कर निकल आई।
नगर पालिका की एनओसी को लेकर फैक्ट्री पर कार्रवाई की बात भी जोरों पर हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि सही जांच होने पर पालिका अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा सकती है। जबकि पालिका अधिकारी पूरे मामले से बच रहे हैं।