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छह गांवों के ग्रामीण ने मीट फैक्ट्री घेरी, हंगामा

Sat, 27 Feb 2016 09:54 PM IST
अमर उजाला, हापुड़
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गोवंशों से लदा कैंटर कोतवाली क्षेत्र की एक मीट फैक्ट्री में घुसने की सूचना पर छह गांवों के ग्रामीण भड़के गए। उन्होंने मीट फैक्ट्री का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
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तनाव देख पुलिस-प्रशासन के अफसर आननफान में फैक्ट्री पहुंचे। पुलिस ने फैक्ट्री में जांच की, लेकिन न तो टैंकर मिला और न ही गोवंश। पुलिस ने एहतियातन फैक्ट्री के पास भारी पुलिस बल तैनात किया है।

कोतवाली क्षेत्र के रामपुर रोड पर एक मीट फैक्ट्री है। शनिवार सुबह करीब आठ बजे गोवंशों से लदा एक कैंटर रामपुर की ओर से आ रहा था। बताया गया है कि गोवंश से लदा कैंटर एक बुग्गी को साइड मारते हुए तेजी से निकला।
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यह देख रामपुर गांव के बाइक सवार युवकों ने कैंटर का पीछा शुरू कर दिया, लेकिन कैंटर आंखों से ओझल हो गया। इस पर युवकों ने आशंका जताई कि कैंटर मीट फैक्ट्री में घुस गया।

युवकों ने फैक्ट्री के गेट पर तैनात एक गार्ड पूछताछ की तो उसने युवकों से अभद्रता कर दी। इस पर युवकों ने गांव रामपुर, नान, चितौली, तुमरैल, गिरधरपुर और अकड़ौली के ग्रामीणों को सूचना दी।

सूचना मिलते ही ग्रामीण वहां पहुंचे और मीट फैक्ट्री को चोरों ओर से घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान किसी ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों को बलवा होने की सूचना दे दी।

इस पर एसएचओ राजेश कुमार, सीओ सिटी विशाल यादव, एसडीएम सदर शमशाद हुसैन, एसओ हाफिजपुर सरवत अब्बास जैदी, बाबूगढ़ एसओ विजय बहादुर सिंह, पिलखुवा एसओ विनोद कुमार पांडेय, पुलिस बल के साथ फैक्ट्री पहुंचे।

पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर फैक्ट्री की तलाशी ली लेकिन न तो कैंटर मिला और न ही गोवंश। बाद में ग्रामीणों का गुस्सा और तनाव को देख पुलिस ने  के मद्देनजर फैक्ट्री के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया।

पुलिस ने मीट फैक्ट्री में लगे सीसी कैमरों की जांच की। हालांकि इस दौरान रिकार्डिंग नहीं मिलने पर पुलिस ने फैक्ट्री के कर्मचारियों को फटकार लगाई और सप्ताह के भीतर रिकार्डिंग व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी।

ग्रामीणों ने कहा कि रामपुर गांव को जाने वाले अंडरपास के पास पुलिस पिकेट तैनात की जाए। ताकि फैक्ट्री की ओर आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा सके।

पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने मीट फैक्ट्री के कर्मचारियों को हिदायत दी है कि वह फैक्ट्री के सभी गेटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं। साथ ही तिरपाल से ढककर फैक्ट्री में वाहन का प्रवेश नहीं करने दिया जाए। फुटेज में यह पता कराया जा सके फैक्ट्री के भीतर जो वाहन जा रहा है उसमें कौन का पशु है।
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