रामपुर रोड पर चल रही मीट फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को मीट फैक्ट्री बंद कराने की मांग को लेकर पांच गांवों के किसानों ने कलक्ट्रेट में हंगामा कर डीएम को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मीट फैक्ट्री को नहीं बंद कराया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
सोमवार को रामपुर, तुमरैल, गिरधरपुर, नान और सबली के ग्रामीण रामपुर के ग्राम प्रधान जयभगवान उर्फ पिंटू शर्मा और बबली गुर्जर के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे।
यहां ग्रामीणों ने बताया कि रामपुर रोड पर चल रही मीट फैक्ट्री के कारण लोगों को घर में रहना और बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हापुड़ से रामपुर रोड पर अवैध बूचड़खाने बने होने से हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो चुका है।
इस कारण क्षेत्र में बीमारी फैलने की आशंका से लोग भयभीत हैं। हंगामा कर रहे ग्रामीणों का आरोप था कि बूचड़खाने के मालिकों पर न तो प्रदूषण विभाग की एनओसी है और न ही लाइसेंस है।
खास बात यह है कि एचपीडीए का नक्शा भी बूचडख़ाने के पास स्वीकृत नहीं है। बबली गुर्जर ने बताया कि स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बूचड़खाने पर कार्रवाई नहीं होने के कारण गांवों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
इससे कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। हंगामे में अमित कसाना, बलेश प्रधान, पप्पू कसाना, सतीश त्यागी, कुलदीप प्रधान, शिवकुमार त्यागी, चमन सिंह, परमानंद त्यागी, सतवीर यादव, सतपाल प्रधान शामिल रहे।