सत्ता परिवर्तन के साथ ही सत्ता के सहारे अपना हित साधने वाले शहर के कई दिग्गजों ने सांसद व नए विधायक की चाटुकारिता शुरू कर दी है। होली पर आयोजित होली मिलन समारोह में ऐसे लोगों द्वारा
भाजपा के नये विधायक और सांसद को न्यौते दिए हैं जो सत्ता परिवर्तन से पहले सपा नेताओं के करीबी थे। शनिवार को मतगणना के बाद भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत के बाद सभी दूसरे दलों की हवा निकल गयी।
धूम धड़ाके साथ बदली सत्ता के बाद ऐसे लोगों के मिजाज भी बदलने शुरू हो गये हैं जिनका सत्ता में किसी न किसी रूप से हित जुड़ा है। अभी तक शहर के व्यवसाई और व्यापारी सपा नेताओं के करीबी माने जाते थे। अब हवा बदलते ही इनका रुख भी बदलना शुरू हो गया है।
शहर में आयोजित होने वाले होली मिलन समारोह में ऐसे दल बदलुओं की मंशा साफ दिखायी दे रही है। शहर में कई जगह ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिनमें अब भाजपा के सांसद और विजयी विधायक को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया जा रहा है।
जबकि पहले इन कार्यक्रमों मुख्य अतिथि की जगह समाजवादी नेता व कांग्रेस विधायक भाग लेते थे। बड़ी बात यह है कि इन कार्यक्रमों का आयोजन करने वाले कई लोग तो बाकायदा दूसरी पार्टियों की सदस्यता तक ग्रहण कर चुके थे। अब सत्ताधारी सांसद और विधायक से करीबी बढ़ाने में जुटे हैं।