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Hapur News: मनरेगा के कार्यों में फर्जीवाड़े की फाइल दबाकर बैठे अधिकारी

Tue, 30 Apr 2024 10:20 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। जिले में मनरेगा के कार्यों में हुए घोटालों के मामलों में अधिकारी उदासीनता बरत रहे हैं। तत्कालीन लोकपाल अंशु त्यागी की जांच रिपोर्ट के बाद भी जिले के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जबकि, लाखों रुपये का घोटाला जांच में सामने आया था। ऐसे में दस महीने के बाद भी मामले में कार्रवाई न होना अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
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मनरेगा के तहत 262 प्रकार की योजनाएं जिले में चल रही हैं लेकिन, योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ था। पांच मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों की शिकायत के बाद तत्कालीन लोकपाल मेरठ मंडल अंशु त्यागी ने इनकी जांच की थी। जिसमें गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के पांच गांवों में लगभग 75 लाख रुपये की धनराशि का फर्जीवाड़ा मिला था। सभी मामलों में उक्त अधिकारियों, वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों से धनराशि की वसूली के साथ ही रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश भी दिए गए थे। इसके बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

गढ़मुक्तेश्वर के ग्राम हशुपुर के रहने वाले शिकायतकर्ता करणवीर सिंह ने आरोप लगाया था कि कागजों में ही विकास कार्य कराए गए हैं। तालाब की खोदाई मनरेगा जॉब कार्ड से दिखाई गई। जबकि, ग्रामीणों ने बुलडोजर से खोदाई की वीडियो बनाई हुई है। इसी प्रकार तालाब किनारे, कब्रिस्तान व एएमएम सेंटर के पास लाखों रुपये की लागत से पौधरोपण कराया हुआ बताया था। जबकि, तालाब और कब्रिस्तान के आसपास कोई पौधे नहीं लगाए गए। इसके अलावा सोकता गड्ढों के निर्माण कार्य के नाम पर लाखों रुपये का फर्जी भुगतान किया गया था। गांव में विभिन्न चकरोड पर मिट्टी भराव का कार्य दिखाया था। इसमें भी फर्जीवाड़ा सामने आया था। मनरेगा जॉब कार्ड में जिन लोगों के खातों में लाखों रुपये का भुगतान किया गया था। उनमें से कुछ मजबूर करीब छह माह से बीमार थे। उक्त प्रकरणों में 14.57 लाख रुपये का भ्रष्टाचार मिला था।
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इसी प्रकार अल्लीपुर निवासी धीर सिंह की शिकायत के बाद 827117 रुपये के भ्रष्टाचार के मामले का पर्दाफाश हुआ था। ग्राम शेरपुर आलापुर में सतीश की शिकायत पर 13.73 लाख रुपये की मनरेगा धनराशि का दुरुपयोग हुआ था। इसी प्रकार ग्राम रेहरुवा किरावली के निवासी कैलाश सिंह, अनिल सिंह, कृपाल सिंह, ओमबीर सिंह व जयबीर सिंह की शिकायत पर तीन मामलों में हुई जांच में 16.98 लाख, 12.24 लाख व 4.73 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा मिला था। ग्राम कटीरा जाफराबाद निवासी काली चरन सिंह के आरोपों पर हुई जांच में 5.31 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा मिला था।



दो मामलों में भी होनी थी कार्रवाई

शिकायतकर्ताओं पर भी झूठे प्रार्थना -पत्र देने व अधिकारियों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने आदि के मामले में भी रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश हुए थे। सभी विभागों और शासन को इसकी सूचना लोकपाल की ओर से भेजी गई थी।



कोट -

मुझे पूरे प्रकरण के बारे में जानकारी नहीं है। मैंने प्रकरण से संबंधित फाइल निकलवाई है। जांच में क्या आदेश मिले थे, उसको देखकर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- देवेंद्र प्रताप सिंह, डीडीओ
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