हापुड़। गांव असौड़ा की एक मनरेगा मैट से अभद्रता और मारपीट के मामले में लोकपाल बृहस्पतिवार को जांच करने पहुंची। जहां पीड़ित महिलाओं का दर्द छलक उठा। काम देने के नाम पर जिला पंचायत राज विभाग के एक अधिकारी पर दलित महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया गया।
लोकपाल मनरेगा अनुराधा वर्मा ने बताया कि ग्राम असौड़ा की एक मनरेगा मैट ने उनसे शिकायत की थी। जिसमें आरोप था कि दलित महिलाओं को मनरेगा के तहत कार्य नहीं दिया जा रहा है। छह माह तक भी उन्हें कार्य न देने से परिवार को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है। गोशाला में काम करने के बाद भी उनका भुगतान नहीं किया गया। यहां तक कि एक अधिकारी ने उन्हें मौके पर बुलाकर छेड़छाड़ की। गाड़ी में भी जबरदस्ती बैठाने का प्रयास किया।
इसको लेकर महिलाओं ने एसपी कार्यालय में भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद लोकपाल मनरेगा से शिकायत की। मामले में मनरेगा से कार्यों से संंबंधित जांच के लिए बृहस्पतिवार को लोकपाल मौके पर गई थीं। इस दौरान कई महिलाएं एकत्र हुईं और आपबीती सुनाई। लोकपाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उक्त अधिकारी को भी मौके पर बुलाया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। लोकपाल मनरेगा अनुराधा वर्मा का कहना है कि पीड़ितों के बयान दर्ज कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। महिलाओं से अभद्रता के मामले में संबंधित अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं।