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Hapur News: मौसम में बदलाव से आम के पेड़ों पर जल्दी आया बौर

Thu, 13 Feb 2025 10:10 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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गढ़मुक्तेश्वर। इस बार समय से पहले ही मौसम में गर्माहट बढ़ने से फरवरी में ही मार्च जैसा तापमान हो गया है। मौसम के बिगड़े हुए मिजाज का असर फसलों पर भी पड़ रहा है। आम के पेड़ों पर 15 दिन पहले ही बौर आ गया है। अभी से तेज गर्मी आम की फसल के लिए अच्छी नहीं मानी जा रही। इस तरह गर्मी बढ़ती रही, तो आम का आकार छोटा होने के साथ ही उत्पादन कम हो सकता है।
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कृषि विभाग के वरिष्ठ प्राविधिक सहायक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि गढ़, बहादुरगढ़ और नानपुर क्षेत्र में दशहरी, लंगडा, चौसा, गुलाब-जामुन के अलावा अन्य कई प्रजातियों के आम का उत्पादन होता है। यहां का आम दूर-दराज के क्षेत्रों में भी जाता है। फसल तैयार करने के लिए बागवान सर्दी के मौसम से ही तैयारी करना शुरू कर देते हैं। बौर आने से पहले पेड़ों की सफाई, दवा का छिड़काव, बाग की निराई-गुडाई व अन्य काम होने लगते हैं। क्षेत्र में 100 हैक्टेयर से भी अधिक भूमि पर आम के बाग हैं।

सतीश चंद्र शर्मा का कहना है कि इस बार मौसम में अभी से बढ़ रही गर्मी ने बागवानों के माथे पर चिंता की लकीर बढ़ा दी हैं। आम के पेड़ों पर बौर फरवरी के बीच में आता है, लेकिन इस बार दो सप्ताह पहले से ही आना शुरू हो गया है। तापमान बढ़ने से बौर कमजोर रह जाएगा, जिससे उत्पादन भी कम होगा। आम उत्पादक चुन्ने प्रधान ने बताया कि गर्मी के कारण बौर आने तो लगा है, लेकिन यह फसल के लिए हानिकारक है। इससे आम के उत्पादन पर 20 से 25 फीसदी प्रभाव पड़ेगा। गर्मी बढऩे के साथ ही बौर झुलसना शुरू हो जाएगा और टूटकर गिरेगा। उपज कम होने से इस बार आम महंगा हो सकता है।
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