हापुड़। लोक निर्माण विभाग 28 करोड़ रुपये से नौ जर्जर लघु और बड़े पुलों की मरम्मत कराएगा, इसमें धौलाना में 11.92 करोड़ से पांच, गढ़मुक्तेश्वर में 4.76 करोड़ से तीन लघु पुलों पर काम होगा, जबकि, 11.27 करोड़ से हापुड़ विधानसभा क्षेत्र में बड़े पुल की मरम्मत की जाएगी।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ मंडल की समीक्षा बैठक की थी। बैठक में तीनों विधायकों ने लघु और बड़े पुलों के निर्माण का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, इन प्रस्तावों को पूर्व में विधायकों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया था। जिनके निरीक्षण के बाद एस्टीमेट भी तैयार हो गया था। इसमें धौलाना में पांच, गढ़मुक्तेश्वर में तीन और हापुड़ विधानसभा क्षेत्र में एक बड़े पुल की मरम्मत का प्रस्ताव रखा गया।
बता दें कि इन पुलों का निर्माण कई साल पहले हुआ था। वर्तमान में कई पुलों की हालत जर्जर है। ये पुल आपस में कई गांवों के मार्गों को जोड़ते हैं। ऐसे में भारी वाहन भी यहां से गुजरते हैं। जर्जर होने के कारण हादसे का डर बना रहता है। अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह का कहना है कि तीनों विधायकों के प्रस्ताव स्वीकृत हो गए हैं। प्राथमिकता के आधार पर इनकी टेंडर प्रक्रिया पूरी करते हुए निर्माण शुरू कराए जाएंगे।
धौलाना विधानसभा क्षेत्र में ये पुल बनेंगे
- 1.57 करोड़ से हाईवे 9 से पिलखुवा-फगौता मार्ग से कांवी, अहमदपुर मार्ग के किमी-3 (कांवी) में मोदी मिल नाले पर क्षतिग्रस्त एवं संकरे लघु सेतु एवं पहुंच मार्ग।
- 90 लाख से हाईवे 9 से खेड़ा मार्ग पर छिजारसी ड्रेन पर लघु सेतु का निर्माण।
- 1.15 करोड़ से छिजारसी परतापुर मार्ग पर छिजारसी ड्रेन पर।
- 1.15 करोड़ से पिलखुवा चंडी मंदिर से सिखेड़ा मार्ग पर छिजारसी ड्रेन पर।
- 1.15 करोड़ से निधावली से सौलाना मार्ग पर पुलिया का निर्माण कार्य।
गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र में दिए गए प्रस्ताव
- 1.35 करोड़ से बीबीनगर मार्ग से सिंभावली हाईवे 9 से हींगवाड़ा लाड़पुर भरना मार्ग के किमी-09 में स्थित क्षतिग्रस्त एवं संकरे लघु सेतु का पुनः निर्माण।
- 2.71 करोड़ से हाईवे 9 से अटूटा के किमी-1 में स्थित क्षतिग्रस्त एवं संकरे लघु सेतु के पुनः निर्माण का कार्य।
- 70 लाख से हरोड़ा कोठी गंदे नाले से खगोई मार्ग पर पुलिया का पुन: निर्माण का कार्य।
हापुड़ विधानसभा क्षेत्र में यह होंगे काम
- 11.27 करोड़ से ग्राम झंडा मुशर्रफपुर मार्ग पर काली नदी सेतु पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य का निर्माण।