गढ़मुक्तेश्वर। प्रदेश सरकार ने महिला अपराधों की रोकथाम और कार्रवाई के लिए हर थाना क्षेत्र में विशेष टीम बनाने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी थानों में महिला सुरक्षा केंद्र के लिए एक कमरा, मेज-कुर्सी आदि फर्नीचर, कंप्यूटर, प्रिंटर, टॉयलेट आदि की सुविधा भी दी जा रही है। अगले तीन दिन के अंदर सभी थानों में पुलिस टीमों का गठन किया जाएगा।
डीआईजी कलानिधि नैथानी द्वारा दिए गए आदेश में उल्लेख किया गया है कि अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन द्वारा प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला सुरक्षा केंद्र की स्थापना की जाएगी। इशके लिए आवश्यक संसाधन, जनशक्ति की व्यवस्था समय से सुनिश्चित करा दी जाए। नवरात्र से पहले ही सभी थानों पर महिलाओं/बालिकाओं से संबंधित अपराधों में पीड़िताओं की मदद के लिए विशेष टीम का गठन किया जाना है। इस टीम द्वारा प्रत्येक थाने में पहले से स्थापित महिला हेल्प डेस्क का दायरा बढ़ाते हुए पीड़िता के आगमन से लेकर दोबारा मानसिक एवं शारीरिक रूप से पूर्णतः सशक्त होने तक काउंसिलिंग, मार्गदशन, सहयोग और संरक्षण संबंधी सेवाएं दी जाएंगी। इसके लिए प्रत्येक थाना परिसर में महिला सुरक्षा केंद्र भी स्थापित किया जाना है। थानों में गठित विशेष टीमों में एक निरीक्षक अथवा उपनिरीक्षक को प्रभारी बनाया जाएगा, जबकि टीम में अन्य सदस्यों में एक से चार उपनिरीक्षक, चार से पांच आरक्षी और एक से दो होमगार्ड तैनात रहेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक थाने में विशेष टीमों को महिला सुरक्षा केंद्र के लिए कमरा, मेज-कुर्सी आदि फर्नीचर, कंप्यूटर, प्रिंटर, टॉयलेट आदि की सुविधा भी दी जाएगी। नियुक्त निरीक्षक, उपनिरीक्षक महिला संबंधी अपराधों की आवंटित महत्वपूर्ण अभियोगों की विवेचना भी करेंगे।
कोट -
उच्चाधिकारियों के आदेश का पालन शुरू कर दिया गया है। सर्किल के सभी थानों व कोतवाली प्रभारियों को इस कार्य को पूरा करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। - स्तुति सिंह, सीओ
कुलदीप भारद्वाज