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Hapur News: सर्वार्थ सिद्धि योग में कल मनेगी महाशिवरात्रि

Fri, 13 Feb 2026 09:35 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाया जाएगा। शाम 5:05 बजे से चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होकर 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे तक रहेगी। शाम 5:05 बजे से कांवड़िये शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकेंगे।
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महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए आस्था की डगर पर भोले के भक्त निकल चुके हैं। विभिन्न स्थानों पर कांवड़ियों की सुविधा के लिए शिविर भी लगाए गए हैं, जहां उनके ठहरने, खानपान, स्नान आदि की भी व्यवस्था की गई है। महाशिवरात्रि पर व्रती शिवभक्त रातभर जागकर चार प्रहर की पूजा आरती करेंगे। पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होने की वजह से भक्तों के हर कामनाओं की पूर्ति के योग हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि निर्णयसिंधु, श्री शिव पुराण के अनुसार प्रदोष व्यापिनी सायंकाल की चतुर्दशी तिथि महाशिवरात्रि के लिए ग्राह्य है। रविवार में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होने से सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। श्रवण नक्षत्र चंद्र नक्षत्र होने से भगवान शिव का प्रिय नक्षत्र होने से महाशिवरात्रि का जलाभिषेक बहुत शुभ होगा। शाम 5:05 बजे से कावड़ियों के द्वारा शिवरात्रि का जलाभिषेक का शुभारंभ हो जाएगा।
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महाशिवरात्रि में चार पहर की पूजा का विधान है, इसमें निशिथ काल की पूजा सर्वोपरि बताई गई है। प्रथम पहर शाम 6:10 बजे से, द्वितीय पहर रात्रि 9:22 बजे से, तृतीय पहर रात्रि 12:34 बजे से और चतुर्थ पहर रात्रि 3:46 बजे से रहेगा। शिव महापुराण में अनेक प्रकार के शिवलिंगों की उपासना बताई गई है, जिसमें की भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों की उपासना सर्वोपरि है और पांच प्रकार के शिवलिंग बताए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पुत्र प्राप्ति के लिए भगवान शिव का दुग्धाभिषेक, स्नेह के लिए से अभिषेक, मित्रता के लिए पारस्परिक मैत्री व शांति के लिए घी का अभिषेक, दांपत्य जीवन सुखमय के लिए शक्कर मिश्रित दूध, धन के लिए शहद, व्यापार वृद्धि व धन प्राप्ति के लिए गन्ने का रस, रोग नाश के लिए गिलोय, आरोग्यता प्राप्ति के लिए सर्वोषधियों के रस, विद्या प्राप्ति के लिए गंगाजल का अभिषेक करना चाहिए।
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