अब रेलवे स्टेशनों पर ठेकेदार-वेंडर चाय, कॉफी, समोसा, पूरी-कचौड़ी, छोले-भठूरे बनाने के लिए रसोई गैस सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं करेंगे। रेलवे की नई गाइडलाइन के अनुसार इन सिलेंडरों की जगह वेंडरों को बिजली के इंडेक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करना होगा।
वेंडर बिजली निगम से कनेक्शन लेने के बाद ठेलों पर मीटर लगाएंगे। आदेश का पालन नहीं करने वाले वेंडर-ठेकेदारों पर रेलवे प्रबंधन कानूनी कार्रवाई करेगा। मुरादाबाद मंडल के मॉडल स्टेशन में हापुड़ स्टेशन शामिल है।
इस स्टेशन पर करीब आधा दर्जन से अधिक ठेकेदार व 100 के आसपास वेंडर है। ये वेंडर व खानपान ठेकेदार खाद्य सामग्री को बनाने में प्लेटफार्मों पर रसोई गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते है, जिससे हादसे की संभावना बनी रहती है।
इन घटनाओं को रोकने और प्रदूषण को कम कर बिजली का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के उद्देश्य से रेलवे के सीनियर डीसीएम पुष्पराज ने मुरादाबाद मंडल के स्टेशन अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि स्टेशनों पर किसी भी सूरत में सिलेंडरों का इस्तेमाल न होने पाए।
यदि सिलेंडरों का प्रयोग होता हुआ पाया जाएगा तो संबंधित खानपान ठेकेदार और वेंडर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के आते ही वेंडरों व ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
नई गाइडलाइन का पालन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। वेंडरों का कहना है कि मीटर लगाने और बिजली कनेक्शन लेने के लिए उन्हें कुछ समय दिया जाना चाहिए। बिजली का कनेक्शन लेने में दो से तीन का समय लगेगा। पहले आवेदन करना होगा, फिर बाद में लाइनमैन की चेकिंग रिपोर्ट लगने के बाद मीटर जारी किया जाएगा।
स्टेशन अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि नई गाइडलाइन प्राप्त हो गई है। रेलवे के समस्त खानपान ठेकेदारों को इस आदेश से अवगत करा दिया गया है। लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद मंडल के डीआरएम प्रमोद कुमार ने बताया कि इस नए आदेश का इस्तेमाल पहली बार किया जा रहा है। अब वेंडर और ठेकेदारों को बिजली निगम से कनेक्शन लेने के बाद अपने ठेलों पर मीटर लगाना अनिवार्य होगा ताकि आग की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।