हापुड़। यूरिया, डीएपी के साथ किसानों को जबरन अन्य उत्पाद देने, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग, जमाखोरी पर उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित होंगे। कृषि विभाग ने 350 विक्रेताओं को नोटिस जारी किया है। उर्वरक, कीटनाशक में मिलावट, नकली होने की जानकारी विभाग को फोन पर भी दी जा सकेगी।
यूरिया की डिमांड लगातार बढ़ रही है, बफर गोदाम में स्टाक भरपूर है, लेकिन कई नकद केंद्र व समितियों पर किल्लत हो जाती है। ऐसे में किसानों की शिकायत रहती है कि बहुत से दुकानदार यूरिया देने के साथ अन्य उत्पाद भी लेने का दबाव बनाते हैं। उत्पाद लेने से इंकार करने पर यूरिया भी नहीं दी जाती है।
शासन ने इस तरह के मामलों का संज्ञान लेकर आदेश जारी कर दिया हैं। इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा जिले के 350 उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट कहा है कि किसानों को उर्वरकों के साथ जबरन उत्पाद न दिया जाए। निर्धारित दरों पर ही उर्वरक की बिक्री की जाए। अगर कालाबाजारी का मामला सामने आता है तो लाइसेंस निरस्त करने के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
दुकानों से पक्का बिल लें किसान-
जिले के समस्त किसान उर्वरक लेने पर दुकानदार से पक्का बिल अवश्य लें। यदि कोई विक्रेता यूरिया, डीएपी, एनपीके कांप्लेक्स, एमओपी, एसएसपी के साथ कोई अन्य उत्पाद खरीदने के लिए दबाव बनाता है तो इसकी सूचना जिला कृषि अधिकारी कार्यालय को मोबाइल नंबर 9452369376, 9897779791 पर दे सकते हैं।
-
-सहकारी समिति न करें परेशान-
किसान उतना ही उर्वरक खरीदें जितनी उनकी फसल में संस्तुत मात्रा की जरूरत है। एडवांस में खाद खरीद कर जमा करने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई साधन सहकारी समिति, सहकारी गन्ना समिति नियमानुसार खाद देने से मना करती हैं तो भी सहायक निबंधक सहकारिता के मोबाइल नंबर 9412514321 पर शिकायत कर सकते हैं।
-
-उर्वरक, कीटनाशकों पर नजर रखने के लिए टीम गठित
जिले में जिस तरह नामचीन कंपनी के उर्वरक, कीटनाशकों के हजारों बैग मिले हैं, उसी क्रम में कृषि विभाग में टीम का गठन कर दिया गया है। टीम इस तरह के मामलों पर नजर रखेगी। साथ ही पूर्व में दर्ज मामलों पर भी गंभीरता दिखायी जाएगी।
Iकिसानों को उर्वरकों के साथ जबरन अन्य उत्पाद न दिया जाए। किसान दुकानदार से पक्का बिल लें, यदि कोई परेशान करता है तो इसकी शिकायत करें। ऐसे मामले पकड़ में आने पर लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।गौरव प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी।I