हापुड़। उर्वरक सब्सिडी घोटाले में दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के बाद अब दो अन्य फर्मों के फर्टिलाइजर संबंधी लाइसेंस बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन फर्मों ने कृषि अधिकारी द्वारा दिए नोटिस का 15 दिन बाद भी जवाब नहीं दिया है। इसके साथ ही कई अन्य बड़ी अनियमितताएं भी सामने आई हैं।
उल्लेखनीय है कि एक नामचीन फर्टिलाइजर कंपनी की शिकायत पर पिछले दिनों कृषि अधिकारी ने गढ़ रोड स्थित दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी (प्राइवेट होलसेलर), दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी (प्राइवेट रिटेलर) से फर्टिलाइजर बिक्री में अनियमितता मिलने पर इसके लाइसेंस बर्खास्त कर दिए थे।
जबकि चेतन प्रकाश एंड कंपनी, साईं ट्रेडिंग कंपनी के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे। इन फर्मों को 15 दिन का नोटिस दिया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। जबकि नौ अगस्त तक जवाब दाखिल कराया जाना था। जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि पिछले दिनों कार्रवाई के दौरान चेतन प्रकाश एंड कंपनी, साईं ट्रेडिंग कंपनी को नोटिस दिया था, इनके द्वारा जवाब नहीं दिया गया है। अब लाइसेंस बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस तरह पकड़ में आया था मामला-
कृषि अधिकारी के अनुसार फर्मों ने 42 एमटी अनुदानित उर्वरक दिल्ली स्थित पते पर बेचा है, इसमें 600 बैग नीम कोटेड यूरिया, आईपीएल इंपोर्टेड डीएपी के करीब 120 बैग और एसएसपी पाउडर भी बड़ी मात्रा में शामिल मिला।
इसके अलावा लगभग तीन हजार बैग अनुदानित नीम कोटेड यूरिया, करीब 500 बैग से अधिक इंपोर्टेड डीएपी, एसएसपी व अन्य उर्वरक उन्नव, अंबेडनगर, बिजनौर, बागपत, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर में बेचा गया। दूसरी फर्म द्वारा 22 एमटी यूरिया, पांच एमटी डीएपी, 36 एमटी अनुदानित उर्वरकों को विभिन्न नामों पर बेचा गया। इसके अलावा 162 एमटी अनुदानित उर्वरक को लेकर भी अनियमितता मिली। बहरहाल, मामला उर्वरक सब्सिडी से जुड़ा है, जिसे लेकर जांच टीम भी कई मामलों तक पहुंच चुकी है, इसमें बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं।