हापुड़। धौलाना तहसील के लेखपाल सुभाष मीणा की मौत के मामले में चकबंदी लेखपाल संघ व लेखपाल संघ ने सोमवार को चार घंटे तक जिला मुख्यालय पर प्रदेशव्यापी सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के साथ परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। इसके साथ ही डीएम अभिषेक पांडेय के समर्थन में किसान संगठनों के अलावा नगर पालिका गढ़ के चेयरमैन और पूरा स्टाफ कलक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान कलक्ट्रेट में हंगामे की स्थिति रही।
धौलाना के लेखपाल सुभाष मीणा ने निलंबन के बाद नौ जुलाई को मानसिक अवसाद के कारण धौलाना तहसील परिसर में जहरीला पदार्थ खा लिया था। उन्हें पहले पिलखुवा के रामा अस्पताल और इसके बाद गाजियाबाद के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। डीएम द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में लेखपाल, अमीन, पंचायत सचिव, चकबंदी के कर्मचारी सहित अन्य कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया था।
लेखपालों ने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। तीन दिन तक लेखपालों व कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। बीते शुक्रवार को डीएम अभिषेक पांडेय के आश्वासन पर लेखपाल व कर्मियों का आंदोलन समाप्त हो गया था, लेकिन लेखपाल संघ ने सोमवार को पूरे प्रदेश में सांकेतिक धरना दिया। कलक्ट्रेट में करीब चार घंटे तक लेखपालों ने धरना देकर नारेबाजी की। इस दौरान लेखपालों ने परिवार को दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। इसके अलावा लेखपाल के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। इसके बाद कर्मचारियों ने बिना किसी घोषणा के धरना समाप्त कर दिया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश, जिला मंत्री विवेक चौधरी, केशव शर्मा, गौरव चौधरी, प्रमोद कुमार, योगेन्द्र सिंह, अमित कुमार शामिल रहे।
मंडलायुक्त व आईजी कर रहे मामले की जांच
लेखपाल की मौत के मामले में शासन द्वारा मेरठ मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है, इसमें डीआईजी कलानिधि नैथानी सदस्य हैं। दोनों अधिकारी घटना स्थल का दौरा कर चुके हैं। जबकि संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। इसके बाद यह टीम जांच कर शासन को अपनी रिपोर्ट भेजेगी।
भाकियू ने भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई आवाज
हापुड़। भाकियू अराजनैतिक के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर भ्रष्टाचार के खिलाफ और डीएम अभिषेक पांडेय के समर्थन में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एलान किया कि अब भ्रष्टाचार के खिलाफ हर तहसील में आंदोलन होगा। विभिन्न संगठनों ने डीएम के पक्ष में समर्थन दिया।
भाकियू के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि जिले में अच्छे ईमानदार अधिकारियों का सहयोग करेंगे, और भ्रष्ट अधिकारियों का भगाने का काम करेंगे। हर तहसील और ब्लॉकों में भ्रष्टाचार चरम पर है। हापुड़ जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय किसानों व मजदूरों की समस्याओं का निस्तारण समय से करते हैं। ऐसे अधिकारी का हर संभव सहयोग किया जाएगा। धरने को कई संगठनों जैसे भाकियू भानू के राष्ट्रीय महासचिव सुधीर त्यागी, भाकियू शंकर, हापुड़ केमिस्ट एसोसिएशन, यूपी सिक्ख मिशन, वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान, सैनिक संस्था, भाकियू तोमर व कई समाज सेवकों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा। धरने के दौरान जितेंद्र नागर, सत्ते गुर्जर, मोनू त्यागी, राधेलाल त्यागी, कटार सिंह, जतन गुर्जर, जोगिंदर मावी, मनोज तोमर, जगबीर चैयरमेन, यतेंद्र गुर्जर आदि मौजूद रहे।
एडीएम को ज्ञापन देकर दिया समर्थन
पूर्व सैनिक प्रतिनिधि मंडल ने एडीएम संदीप कुमार को ज्ञापन सौंपकर दिया जिलाधिकारी को समर्थन दिया। उन्होंने इस मामले में सही जांच करने की मांग की। इस अवसर पर वारंट आफिसर मनबीर सिंह, कैप्टन राजेश चौधरी, हवलदार शाहिद अली हवलदार देवेंद्र सिंह, हवलदार परमेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। वगीं, गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका के चेयरमैन राकेश बजरंगी सभासदों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीएम का समर्थन करते हुए कहा कि जिले को लंबे अंतराल के बाद ईमानदार और साफ छवि वाला डीएम मिला है। हर फरियादी की समस्या वह सुनते हैं और उसका निस्तारण कराते हैं। पूरी पालिका उनका समर्थन करती है। इस मौके पर सभासद कुंवरपाल सिंह, सीमा, प्रवेश, उर्मिला, किरण देवी, धर्मेंद्र, पारूल, सरिता, ओमवीर, लोकेश, सतीश, इकराम आदि रहे।