बाईपास और मेरठ रोड के दोनों फाटकों पर फ्लाई ओवर बनने के बाद भी हापुड़ शहर की जनता भीषण जाम झेलने को मजबूर है। यह पुलिस और प्रशासन के अफसरों की लापरवाही है।
शहर में जाम का एक बड़ा कारण रेलवे का माल गोदाम है। मालगाड़ियों से उतरा हुआ सामान से लोडेड ट्रक तहसील चौपला होकर गुजरते हैं, जो जाम का कारण बनते हैं।
रेलवे स्टेशन के माल गोदाम पर उतरने वाला खाद्यान्न और खाद से लदे ट्रक दिन में फ्री गंज रोड से आकर तहसील चौपला से गुजरते हैं। इन ट्रकों को दोपहर बाद स्कूलों की छुट्टी के बाद भी आवागमन की छूट है, जो जाम लगाते हैं।
अगर जिला प्रशासन रेलवे अधिकारियों से बात कर मालगाड़ियों की अनलोडिंग का काम प्लेटफार्म नंबर पांच पर कराना शुरू कर दे तो इन ट्रकों को संजय विहार से होकर बाहर से निकाला जा सकता है।
इतना ही नहीं रेलवे प्रशासन ने अभी तक एफसीआई की रेलवे लाइन नहीं बदली, इस कारण खाद के साथ खाद्यान्न भी यहीं उतरता है। गढ़ रोड रेलवे फाटक बंद होने से वाहन दिनभर पक्का बाग से अतरपुरा और तहसील चौपला से होकर जाते हैं।
अगर जरौठी वाली रोड सही करा दी जाती तो वहां से ही इन्हें निकाला जा सकता था। शहर में जिला बनने के बाद यातायात पुलिस की कमी नहीं है, लेकिन यातायात पुलिस व्यवस्था में कम वसूली में ज्यादा लगी रहती हैं।
मोदीनगर रोड से आने वाले गन्ने से लदे वाहन जब फ्लाई ओवर से हापुड़ शहर की ओर मुड़ते हैं तो वहां जाम लग जाता है। दीवान पब्लिक स्कूल और रोडवेज के सामने वाहनों की चेकिंग के नाम पर वसूली होती रहती है।
बाईपास पर बुलंदशहर रोड कट के नीचे भी चार-पांच यातायात पुलिस कर्मी व्यस्त रहते हैं। ये पुलिस कर्मी शहर में लग जाएं तो जाम नहीं लगेगा।