हापुड़। करीब ढाई वर्ष पहले स्वतंत्रता दिवस से ठीक अगले दिन 16 अगस्त 2022 को कचहरी के मुख्य गेट के सामने कुख्यात बदमाश लाखन की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। लेकिन अभी तक 40 गवाहों में से मात्र 22 ने न्यायालय में गवाही दी है।
16 अगस्त 2022 को न्यायालय में पेशी पर आ रहे कुख्यात लाखन की कचहरी के मुख्य गेट के सामने तीन हमलावरों ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। शूटआउट में छह गोली लाखन को लगी थीं, जबकि एक गोली हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश को लगी थी। वारदात के दिन ही हत्याकांड में शामिल एक नामजद हत्यारोपी सुनील ने जिला गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। पूरे हत्याकांड में पुलिस ने 17 हत्यारोपियों को जेल भेजा था।
जबकि, एक लाख के इनामी बदमाश मनोज भाटी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया था। बाकी 16 आरोपियों में हरियाणा के जिला फरीदाबाद के थाना सूरजकुंड के गांव चचूड़ा निवासी सुनील चचूड़ा, गांव अनंगपुर निवासी सचिन उर्फ सच्चे, प्रदीप, सुभाष, पप्पन, वीरू उर्फ वीरपाल, सोनू उर्फ सुल्ली, अमित उर्फ काले, सतेंद्र उर्फ भोलू, मोहित, थाना खेड़ीपुल के गांव बुढ़ाना निवासी मनीष चंदेला, थाना दादरी क्षेत्र के रिठौली निवासी रणदीप भाटी, भैंसरावली तिगांव निवासी अंकित, थाना सारन के नंगला एंक्लेव निवासी शिवम पंडित, जिला गाजियाबाद के थाना भोजपुर के नंगला बैर निवासी सुमित, टीला मोड के गांव रिस्टल निवासी अमित कसाना, दिल्ली के जैतपुर निवासी भोला उर्फ भोलू जाट शामिल है।
मामले में की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कोर्ट में चल रही है। करीब ढाई वर्ष में 22 गवाहों की गवाही पूरी हुई है। जबकि मामले में चालीस से भी अधिक गवाह है। जब भी न्यायालय में तारीख होती है तो कचहरी व आसपास के क्षेत्र में सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहता है। फिलहाल न्यायालय की कोशिश है कि सभी गवाहों की गवाही जल्द से जल्द पूरी हो, ताकि हत्यारों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सके।