ब्रजघाट। साहब मुझे मर जाने दो, मैं जीना नहीं चाहती हूं। मेरे जीवन को परिजनों ने ही बरबाद कर दिया। मेरी शादी में फेरे किसी और के साथ कराए और विदाई दूसरे के साथ कर दी गई। कुछ दिन तक वह भी मेरा शारीरिक शोषण करता रहा और फिर छोड़ कर चला गया। अब परिजन भी उसे साथ रखने से कतरा रहे हैं। ऐसे में उसका मरना ही अच्छा हैं। यह शब्द गंगा नगरी के घंटाघर घाट पर आत्महत्या करने पहुंची महिला के हैं।
सोमवार को घाट पर करीब 32 वर्षीय महिला ने गंगा में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। इस दौरान गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर बलजीत निषाद ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सकुशल बचा लिया। इस दौरान पुलिस को मौके पर बुला लिया गया। पुलिस को देखकर महिला फूट-फूट कर रोने लगी। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक उसे समझाबुझा कर शांत कराया। जिसके बाद उससे पूछताछ की। महिला ने बताया कि वह गाजियाबाद के गांव की रहने वाली है। उसका जीवन खराब करने में उसके ही परिजनों का हाथ हैं। अप्रैल 2022 में उसकी शादी युवक से हुई। शादी के बाद विदा होकर ससुराल पहुंची। जहां पता चला कि जिस युवक के साथ विदा हुई है, वह कोई दूसरा है। परिजनों की इस बात को वह समझ नहीं पाई और उस युवक को अपना पति मान लिया। कुछ माह वह युवक उसके साथ रहा, जिसके बाद अचानक छोड़ कर चला गया। काफी तलाश करने के बाद भी पति का कुछ पता नहीं चला, तो वह मायके लौट आई। अब मायके पक्ष के लोगों को भी वह बोझ लगने लगी है। ऐसी जिंदगी से तंग आकर उसने आत्महत्या करने का निर्णय लिया। उसने गाजियाबाद जिले के चार थानों में शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।
कोट -
महिला की समस्या दूसरे जनपद से जुड़ी है। यहां वह आत्महत्या करने के लिए आई थी। उसको बचा लिया गया है। महिला को उसके परिजनों को सौंपने के लिए सूचना दी गई है। वहीं संबंधित जनपद के अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा। - वरुण मिश्रा सीओ