हापुड़। जिसे डोली में विदा करना था, उसकी अर्थी उठाई है। भगवान ऐसा किसी के साथ न हो... यह दर्द कीर्ति के पिता रविंद्र सिंह का है। बेटी की मौत से वह बुरी तरह टूट गए हैं।
परिवार के लोगों ने बताया कि कीर्ति शुरू से ही पढ़ाई में होनहार थी। वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर अपने व परिवार के सपनों को साकार करना चाहती थी। हाल ही में उसकी जेईई एडवांस की परीक्षा में उसका लखनऊ के सरकारी काॅलेज के लिए चयन हो गया था, लेकिन कीर्ति पास रहे, यह सोचकर उसका प्रवेश गाजियाबाद के एबीईएस कालेज में बीटेक कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम में कराया।
कीर्ति सिंह ने यूपी बोर्ड के स्कूल टैगार शिक्षा सदन से कक्षा छह से 12 तक की परीक्षा पास की। हमेशा उसके नंबर 80 प्रतिशत से अधिक रहे और कभी पढ़ाई के मामले में उसे कहने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
पिता रविंद्र सिंह ने बताया कि शुरू से ही उसका सपना उच्च कोटि की सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना था, इसके लिए उसने अपना लक्ष्य बना रखा था। कक्षा 12 पास करने के बाद उसने इंजीनियरिंग के लिए छह माह की तैयारी करते हुए प्रवेश परीक्षा दी। उससे कहा था कि हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर ले, लेकिन मां से अधिक लगाव होने के कारण उसने घर से काॅलेज आना जाना चुना। दुर्भाग्य से 20 दिन बाद ही यह घटना हो गई।
कीर्ति की मौत के बाद जहां उसका सपना भी दफन हो गया, वहीं परिवार की उम्मीदें भी खत्म हो गई। पिता का कहना था कि उनकी ख्वाहिश थी कि बेटी को कामयाब कर धूमधाम से शादी कर डोली में बिठाकर विदा करे। भाई अंकित भी ने भी पॉलीटेक्निक की है और इंजीनियरिंग के लिए वह भी तैयारी कर रहा है।
-
शोक में स्कूल की छुट्टी
जैसे ही कीर्ति की मौत की खबर टैगोर शिक्षा सदन के शिक्षक शिक्षिकाओं ने अखबार में पढ़ी तो स्कूल में भी मातम पसर गया। सुबह सब स्कूल तो पहुंचे, लेकिन श्रद्धांजलि के बाद सभी की छुट्टी कर दी गई।
-
सांत्वना देने पहुंचे डीएम एसपी
घटना के बाद कीर्ति के घर सुबह से सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ था। शहर और रिश्तेदार उसके घर पहुंच रहे थे। शाम करीब छह बजे डीएम प्रेरणा शर्मा और एसपी अभिषेक वर्मा भी पन्नापुरी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश तोमर अन्य कार्यकर्ताओं के साथ शाम के समय पन्नापुरी पहुंचे। उन्होंने कीर्ति के पिता और भाई को दिलासा देते हुए कहा कि बेटी का पूरा न्याय दिलाया जाएगा।