हापुड़। मोहल्ला लज्जापुरी में 21 सितंबर को घर के अंदर मिले टैंट व किराना व्यापारी मुकेश कर्दम की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मृतक के समलैंगिक साथी ने ही उसकी हत्या की थी। पुलिस सीसीटीवी, फेसबुक तथा व्हाट्सएप की कॉल डिटेल से हत्यारे तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
मोहल्ला लज्जापुरी गली नंबर दस में किराना व्यापारी मुकेश कर्दम का शव उसी के घर में आंगन में लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था। शव के हाथ पैर बंधे हुए थे और उसके मुंह में कपड़ा भी ठुंसा हुआ था। मुकेश अपने मकान में पत्नी, दो पुत्र व एक पुत्री के साथ रहता था। 18 सितंबर को वह पत्नी और बच्चों को अपनी ससुराल छोड़कर आया था और घर पर अकेला था। जब कई दिन तक मुकेश का फोन नहीं उठा तो बृहस्पतिवार सुबह उसकी पत्नी,भाई व बच्चों के साथ वापस लौटी तो उसने घर के अंदर शव पड़ा देखा। तभी से पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
फोन से मिले अहम सुराग
व्यापारी की व्हाट्सएप व फेसबुक की चैट खंगालने पर कुछ चौंकाने वाले तथ्य प्रकाश में आए। जिसमें पता चला है कि करीब एक माह पहले फेसबुक के जरिए व्यापारी की मुलाकात जिला मेरठ के थाना जानी क्षेत्र के गांव धौलड़ी निवासी हसन से हुई थी। वर्तमान में हसन जिला गाजियाबाद के थाना मोदीनगर क्षेत्र के राज चौपला स्थित एक जर्राह की दुकान पर काम करता है। फेसबुक के जरिए दोनों में समलैंगिक संबंध हो गए। 18 सितंबर को व्यापारी ने फोन कर हसन को अपने घर बुलाया। घर के अंदर पहले मुकेश ने हसन के हाथ बांधकर शारीरिक संबंध बनाए और उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद हसन ने व्यापारी के हाथ बांधे और शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन पिटाई से नाराज हसन ने तवे से मुकेश के सिर पर 30 से अधिक बार वार कर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद चाकू से उसके शरीर को कई जगह से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
चार घंटे तक शव के पास बैठा रहा आरोपी-
पुलिस के अनुसार घटना को अंजाम करीब 12 बजे दिया गया। लेकिन हत्या के बाद आरोपी तुरंत फरार नहीं हुआ और चार घंटे तक शव के पास ही बैठा रहा। घर में आते और जाते वह एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था, लेकिन उस समय उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। उसे यकीन था कि वह पकड़ा नहीं जाएगा। लेकिन पुलिस ने उसे खोज निकाला।