प्रयागराज कौशांबी में पटाखा फैक्टरी विस्फोट की जांच में कौशांबी पुलिस रविवार देर रात पिलखुवा पहुंची। मामले में पुलिस ने पूर्व सभासद व सराफ धर्मेंद्र वर्मा और उनके बेटे गौरव से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
प्रयागराज कौशांबी में पटाखा फैक्टरी विस्फोट की जांच में कौशांबी पुलिस रविवार देर रात पिलखुवा पहुंची। मामले में पुलिस ने पूर्व सभासद व सराफ धर्मेंद्र वर्मा और उनके बेटे गौरव से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पूछताछ के बाद पुलिस सराफ के बेटे गौरव को अपने साथ कौशांबी ले गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्टरी में इस्तेमाल किए जा रहे पोटेशियम नाइट्रेट (कलमी शोरा) की आपूर्ति पिलखुवा से हुई थी। जिसकी मध्यस्थता का आरोप गौरव पर है।
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पुलिस सूत्रों की माने तो वर्ष 2024 में यह रसायन कौशांबी भेजे जाने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र वर्मा के पास रसायनों की थोक बिक्री का लाइसेंस है। लाइसेंस के तहत औद्योगिक इकाइयों को रसायन की आपूर्ति की जानी थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वर्ष 2024 में पिलखुवा से भेजा गया रसायन किसके नाम और किस उद्देश्य से दिया गया था तथा आगे किन लोगों के माध्यम से पटाखा निर्माण तक पहुंचा।
दरअसल, 31 अगस्त को कौशांबी के मनौरी क्षेत्र में कथित अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। हादसे में 12 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। इसके बाद जांच में रसायनों की सप्लाई को लेकर पिलखुवा का नाम सामने आया। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि कौशांबी पुलिस देर रात हापुड़ आई थी। पिलखुवा से एक सराफ को हिरासत में लिया गया है। जांच में सामने आया है कि गौरव ने इस मामले में मध्यस्थता की थी। हालांकि कोशांबी पुलिस मामले की जांच कर रही है।