हापुड़। गढ़ के खादर क्षेत्र में 30 अक्तूबर से सात नवंबर तक लगने वाला कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेला महाकुंभ की तर्ज पर लगेगा। मेले की व्यवस्थाओं पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए जिला पंचायत ने टेंडर निकाला है। मेले के ऊपर डॉक्यूमेंट्री भी बनेगी।
मेले को लेकर जिला प्रशासन और जिला पंचायत ने तैयारी शुरू कर दी है। मेले में दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से करीब 25 लाख श्रद्धालु दीपदान के लिए आते हैं। यह मेला प्रदेश सरकार के मानचित्र पर भी है। इस बार 22 लाख की लागत से तीन स्थानों पर पुल का निर्माण होगा।प्रकाश व्यवस्था पर करीब 40 लाख, टेंट व्यवस्था पर करीब 42 लाख, गंगा में बैरिकेडिंग पर करीब 19 लाख, करीब नौ लाख से नजर रखने के लिए मचान टावर, चेंजिंग रूम पर करीब 11 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इनके अलावा शौचालयों पर करीब 12.50 लाख, 800 से अधिक सफाई कर्मचारी, ड्रोन कैमरों पर करीब चार लाख, 220 सीसीटीवी कैमरों पर करीब आठ लाख, पांच एयर बैलून पर करीब डेढ लाख, मेले की डॉक्यूमेंट्री वीडियोग्राफी पर करीब दो लाख, मोबाइल नेटवर्क के लिए एयर फाइबर पर करीब ढाई लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन सभी के अतिरिक्त अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। इसके लिए टेंडर निकाले गए हैं।
मामले में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल सिंह का कहना है कि विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। मेले में व्यवस्थाओं के लिए टेंडर निकाले गए हैं। अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक हर हाल में टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।