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Hapur News: करंट लगने से मृत किसान की पत्नी को 11 साल बाद इंसाफ, मुआवजे का 9.21 लाख रुपये कोर्ट में जमा

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हापुड़। गांव सिमरौली में जर्जर तारों की चपेट में आकर 11 साल पहले मृत किसान की विधवा को अब मुआवजा मिलेगा। कोर्ट से निगम कार्यालय की कुर्की के आदेश पर चेते अधिकारियों ने एमडी स्तर से फाइल पास करा ली है। साथ ही मुआवजे का करीब 9.21 लाख रुपये का ड्राफ्ट कोर्ट में जमा कर दिया है। अब जल्द ही पीडि़त परिवार को मुआवजा मिलेगा।
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दरअसल, तीन मार्च 2015 को शाम करीब चार बजे सिमरौली निवासी किसान लोकेंद्र शर्मा अपने खेतों पर काम करने गए थे। वहां ऊर्जा निगम की जर्जर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से लोकेंद्र की मौत हो गई। लोकेंद्र की पत्नी बबीता ने अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराते हुए निगम अफसरों से मुआवजा दिलाने की मांग की।

लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर वर्ष 2017 में बबीता कोर्ट चली गईं। अधिवक्ता संजय कुमार मित्तल व पंकज गुप्ता ने बताया कि 18 जुलाई 2022 को कोर्ट ने बबीता के पक्ष में फैसला सुनाया। इसमें ऊर्जा निगम को 8.52 लाख रुपये मुआवजा व 6 फीसदी प्रतिवर्ष के हिसाब से ब्याज राशि देने के आदेश दिए। लेकिन इस आदेश का निगम ने कोई पालन नहीं किया। न्यायालय की हवहेलना करने पर 26 नवंबर 2022 को निष्पादन याचिका दायर की गई। अब न्यायालय सिविर जज फास्ट टै्रक कोर्ट ने कुर्की आदेश जारी किया है।
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हालांकि पूर्व में नियुक्त रहे अधिकारियों की लापरवाही से मुआवजा अटकाया गया। वर्तमान अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र और अधिशासी अभियंता सचिन द्विवेदी ने एमडी कार्यालय जाकर, इस फाइल का निस्तारण कराया। मुआवजा राशि निगम से स्वीकृत होने के बाद करीब 9.21 लाख रुपये का ड्राफ्ट बन गया है। यह ड्राफ्ट कोर्ट में जमा किया गया है। कुल मिलाकर 11 साल बाद मृतक लोकेंद्र शर्मा के परिवार को न्याय मिला है।


कोट

यह प्रकरण संज्ञान में आते ही इस फाइल का निस्तारण कराया गया है। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुआवजा राशि का ड्राफ्ट तैयार कर जमा कर दिया गया है। पीड़ित परिवार को राशि मिल सकेगी। - सचिन द्विवेदी, अधिशासी अभियंता
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