हापुड़। जंक फूड का बढ़ता चलन युवाओं को बीमार कर रहा है। फैटी लिवर के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही मधुमेह, उच्च रक्त चाप, पीलिया, अपच की शिकायत बढ़ी है। शुक्रवार को सर्दी, बुखार के साथ इन बीमारियों के कुल 26 रोगी मिले। सभी की आयु 30 वर्ष से कम की रही।
शुक्रवार को जिला अस्पताल और सीएचसी की ओपीडी में 3200 मरीजों का उपचार किया गया। अधिकतर रोगी सर्दी जनित बीमारियों से प्रभावित रोगी रहे। नई बीमारियों में फैटी लीवर, पीलिया शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और अपच जैसी बीमारियों के रोगी रहे। इनमें सर्वाधिक युवा रहे।
सीएचसी के फिजिशियन डॉ.अशरफ अली ने बताया कि जंक फूड की अधिकता से युवा उक्त के साथ हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं। जंक फूड में ट्रांस फैट की अधिकता, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, आर्टिफिशियल टेस्ट (अजीनोमोटो) जैसे विभिन्न प्रकार के सॉस और रसायन का उपयोग होता है।
लंबे समय तक इनका सेवन एसिड की मात्रा बढ़ा देता है। यह पेट या आंतों में सूजन, अल्सर जैसी गंभीर बीमारी की संभावना रहती है। इसलिए ऐसे रोगियों को जांच रिपोर्ट व लक्षण के आधार पर हिदायत के साथ दवा परामर्श दिया जा रहा है।
कोलेस्ट्रॉल है मुख्य कारण-
सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि कोलेस्ट्रॉल से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मधुमेह का खतरा बढ़ता है। बच्चों और युवाओं के लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से फैटी लिवर, पीलिया और आगे चलकर लिवर सिरोसिस तक की स्थिति बन सकती है। इसलिए रोगियों को बचाव व एहतियात पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
ऐसे करें बचाव-
* पौष्टिक आहार डाइट में शामिल करें। अंकुरित अनाज व हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
* जंक फूड व फास्ट फूड खाना पूरी तरह से बंद करें।
* पानी अधिक से अधिक पीएं। यह शरीर के हानिकारक अवयव बाहर निकालने में मदद करता है।
* योग व व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
* बिना जांच व सलाह के किसी भी तरह का उपचार न प्रारंभ करें।