हापुड़। ट्रांसफार्मरों से 3.59 लाख रुपये की तेल चोरी में पकड़ा गया अवर अभियंता हिमांशु कौशिक हापुड़ में भी गलत कार्यों पर निलंबित हुआ था। बहाली होने पर भी करतूत नहीं सुधरी। अब मेरठ पुलिस द्वारा जेई को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, 600 करोड़ के नलकूप बिल घोटाले में भी इस तरह की कार्रवाई जल्द हो सकती है।
मेरठ पुलिस द्वारा पकड़ा गया अवर अभियंता हिमांशु कौशिक हापुड़ डिवीजन के उपखंड कार्यालय प्रथम और द्वितीय से संबंधित बिजलीघरों पर तैनात रहा था। वर्ष 2014-15 में अवर अभियंता का एक घोटाला सामने आया था, उसने बिना एस्टीमेट ही नलकूपों की लाइनें बदलवा दी थी। जिसका संज्ञान लेने के बाद अधिकारियों ने जेई हिमांशु कौशिक को निलंबित किया था। इसके बाद जेई की नियुक्ति अलग-अलग जिलों में रही। वर्ष 2017 में जेई के खिलाफ ट्रांसफार्मर से तेल चोरी कराने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में दोष सिद्ध होने पर पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार किया है।
600 करोड़ के घोटाले में गिर सकती है गाज-
नलकूप किसानों के बिलों में गड़बड़ी कर, 600 करोड़ के घोटाले के मामले में कई अधिकारी, कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। पूर्व में भी कई अधिकारी जेल जा चुके हैं, दो दशक से इस मामले में जांच चल रही है। घपले में शामिल अधिकारी और कर्मचारी खुद को बचाने के लिए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे हैं।
एसडीओ, जेई हुए निलंबित, पांच की चार्जशीट
कनेक्शन में अनियमितता पर एसडीओ यशेंद्र कुमार, अवर अभियंता कुछ ही महीने पहले निलंबित हुए हैं। इसके अलावा तत्कालीन एक्सईएन मनोज कुमार, एसडीओ सुनील कुमार, डाकमैन जीत सिंह, जेई ईश्वर सिंह, महकार सिंह को भी एक मामले में चार्जशीट मिली हुई है। वहीं सात अन्य जेई और एक एसडीओ को भी चार्जशीट मिली है।
मामले में चल रही जांच-
अवर अभियंता हिमांशु कौशिक उनके चार्ज लेने से पहले ही हापुड़ में नियुक्त रहे थे। चार्जशीट मामले में जांच चल रही है, जो दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।