हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के गांव पोपाई में कूड़ा उठाने वाली गाड़ी बनाने वाली फर्म ने तीन बोगस फर्मों से खरीद फरोख्त कर एक करोड़ 21 लाख रुपये की बोगस आईटीसी इनपुट क्रेडिट टैक्स हड़प विभाग को चूना लगाया। जीएसटी विशेष अनुसंधान शाखा एसआईबी टीम की जांच में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद विभाग ने मौके पर 43 लाख रुपये जमा कराए। फर्म की जांच जारी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग के खंड एक में पंजीकृत एचए एंटरप्राइजेस द्वारा कूड़ा गाड़ी निर्माण का कार्य किया जाता है। फर्म द्वारा विभिन्न फर्मों से लोहा, स्टील आदि सामग्री की खरीद कर कूड़ा गाड़ी का निर्माण किया जाता है। एसआईबी टीम द्वारा बीफा रिपोर्ट के आधार पर पोर्टल डाटा एनालेसिस के दौरान बोगस फर्म से खरीद का मामला प्रकाश में आया कि फर्म द्वारा तीन बोगस फर्मों से लोहा, स्टील, फैब्रिकेशन सामग्री की खरीद कर फर्जी तरीके से एक करोड़ 43 लाख रुपये की आईटीसी क्लेम कर ली गई।
इसके बाद एसआईबी के संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह के निर्देशन में सहायक आयुक्त विपिन शुक्ला और सतीश तिवारी के नेतृत्व में टीम पोपाई स्थित फर्म पर जांच करने पहुंची। अधिकारियों द्वारा माल के खरीद फरोख्त की जांच की गई, जिसमें सामने आया की फर्म द्वारा बोगस फर्मों से कच्चे माल (लोहा, स्टील) की खरीद पर ज्यादा आईटीसी क्लेम कर ली गई है। इसके बाद फर्म से 43 लाख रुपये की आईटीसी मौके पर ही विभाग के खाते में जमा कराई गई।
संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह का कहना है कि विभाग द्वारा जांच में बोगस फर्मों का जाल बनाकर बोगस बिलिंग के जरिए करोड़ों की कर चोरी पकड़ी गई। फर्म की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा बोगस फर्मों से खरीद करने वाली फर्मों पर नजर रखी जा रही है और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पिछले वित्तीय वर्ष में पकड़ी 68.29 करोड़ की टैक्स चोरी
राज्य वस्तु सेवा कर जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा एसआईबी टीम द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिलेभर में 56 फर्मों पर छापा मारकर जांच की। जांच के दौरान 68.29 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई, जिसमें विभाग द्वारा कार्रवाई के दौरान ही मौके पर 29.61 करोड़ रुपये विभाग के खाते में जमा कराए थे। साथ ही दो फर्म संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।