हापुड़। भीमनगर के यूपीएचसी में गर्भपात को लेकर चल रहा विवाद अब जांच कमेटी के लिए भी चुनौती बन गया है। क्योंकि जिस तरह पहले जांच टीम गलत तरीके से गर्भपात कराए जाने का दावा कर रही थी। अब पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में टीम नई कड़ियों को जोड़ऩे में लग गई है। जांच को बल देने के लिए छह प्रसव कराने वाली महिलाओं से जुड़ी चार आशाओं को बयान के लिए बुलाया गया है, एफआईआर की प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। वहीं, पूर्व प्रभारी ने गर्भपात में दी जाने वाली मिफेप्रिस्टोन को लेकर सवाल उठाए हैं।
दरअसल, हापुड़ के तीन चिकित्सकों को गर्भपात की ट्रेनिंग दी गई है। इसमें एक चिकित्सक भीमनगर की अरबन पीएचसी की प्रभारी डॉ.खुशबू भी शामिल थी। जिन पर गलत तरीके से गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया है, जानकारों की माने तो गर्भपात के लिए मिफेप्रिस्टोन गोली की जरूरत पड़ती है। चिकित्सक डॉ.खुशबू ने दावा किया है कि जिन चिकित्सकों को गर्भपात की ट्रेनिंग कराई गई है, उन्हें अभी तक गर्भपात कराने में सहायक मिफेप्रिस्टोन गोली मुहैया नहीं कराई गई। बीते दिनों एडी और जेडी स्वास्थ्य मेरठ ने इस अस्पताल का निरीक्षण कर, रिकॉर्ड में कुछ खामियां पकड़ी थी।
सीएमओ कार्यालय से इस मामले को अवैध तरीके से गर्भपात से जोड़कर जांच कमेटी गठित कर दी गई। जांच कमेटी ने लिंग परीक्षण के बाद गर्भपात करने का भी अंदेशा जताया था। लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, क्योंकि पुख्ता सुबूूत टीम को नहीं मिला है। बहरहाल, अब जांच कमेटी उन चार आशाओं के बयान लेने की तैयारी में है, जो इस प्रकरण में शामिल गर्भपात कराने वाली छह महिलाओं से जुड़ी हैं।
अस्पताल को दी गई थी मिसोप्रोस्टोल की गोली-
भीमनगर यूपीएचसी को हाल फिलहाल में ही छह हजार मिसोप्रोस्टोल की गोलियां मिली थी। इस गोली का मुख्य कार्य गर्भपात नहीं होता, बल्कि गर्भपात के लिए दी जाने वाली मिफेप्रिस्टोन नामक दवा खिलाने के 48 घंटे बाद खिलाई जाती है। इससे बच्चेदानी की सफाई होती है। जबकि भ्रूण को बच्चेदानी से हटाने का कार्य मिफेप्रिस्टोन दवा करती है, जो इस अस्पताल को नहीं दिए जाने का दावा पूर्व प्रभारी ने किया है।
चिकित्साधिकारी के हस्ताक्षर किए बिना कैसे मिल गई दवा
भीमनगर की अरबन पीएचसी को आवंटित 6 हजार दवाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि दवा के रिकॉर्ड रजिस्टर में चिकित्साधिकारी के हस्ताक्षर ही नहीं हैं। एडी और जेडी स्वास्थ्य ने भी इस पर असंतोष जताया था। लेकिन जिसने हस्ताक्षर किए उसे बचाने का कार्य अधिकारी कर रहे हैं।
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आशाओं के बयान लिए जाएंगे
भीमनगर यूपीएचसी से जुड़े मामले में चार आशाओं के बयान तलब किए जाएंगे। उन्हें शनिवार को कार्यालय बुलाया गया है। रिकॉर्ड में मिली खामियां की भी गहनता से जांच हो रही है, इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
गलत तरीके से फंसाया जा रहा-
गर्भपात की उन्हें ट्रेनिंग कराई गई है, अस्पताल में कड़ी मेहनत से सेवाएं दी। लेकिन उनके ऊपर गर्भपात कराने का जो आरोप लगा है वह निराधार है। गर्भपात के लिए आवश्यक मिफेप्रिस्टोन दवा आज तक अस्पताल को आवंटित नहीं की गई है, बिना इस दवा के गर्भपात कैसे कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी लगातार कह रहे हैं कि उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में गर्भपात करते पकड़ा गया है, जबकि उन्होंने कभी ऐसा कार्य नहीं किया। जांच कमेटी के पास यदि ऐसे साक्ष्य हैं तो सामने लाए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एक पक्षीय हो रही है, उनका पक्ष नहीं सुना जा रहा है।-डॉ.खुशबू, पूर्व प्रभारी भीमनगर यूपीएचसी।