देश की रीढ़ माने जाना वाला किसान आज सपा, भाजपा सरकार की अनदेखी से आर्थिक तंगी से परेशान है। केंद्र ने सपने दिखाकर किसानों को छलने का काम किया है। सूबे में गुंडाराज कायम है, महिलाएं घरों से निकलने में असहज महसूस कर रही हैं, बलात्कार जैसी घटनाएं आए दिन प्रदेश में हो रही है।
यह बात रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने कहीं। चौधरी रविवार को ततारपुर बाईपास पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने से पहले किसानों को उनकी फसलों का मुनासिब रेट दिलाने का आश्वासन दिया था।
साथ कि देश में एक कृषि आयोग के गठन की बात कही थी। लेकिन सत्ता संभालते ही मोदी किसानों के साथ किए वादे भूल गए। प्रदेश सरकार और प्रशासनिक अफसरों की अनदेखी से किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते आर्थिक तंगी में फंसे किसानों को अपने बच्चों की पढ़ाई का फीस भरना मुश्किल हो गया है।
इतना ही नहीं सूबे में गंडाराज कायम है। बलात्कार, मर्डर, लूटपाट की वारदातें रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। जनता को झूठा भरोसा दिलाकर दोनों पार्टियां सत्ता हड़पना चाहती हैं।
इसलिए इस बार रालोद विधानसभा का चुनाव अकेली लड़ेगी।
जिला प्रभारी चौधरी अजयवीर सिंह व जिलाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी ने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
किसानों की समस्याओं के हर संभव समाधान का प्रयास कर रहे हैं। सत्ता में रालोद आई तो किसानों को अपनी फसल दाम तय करने का हक मिलेगा। प्रदेश महासचिव सोनी सिंह ने कार्यकर्ताओं से एक जुटता का आह्वान किया।
इस मौके पर रविंद्र प्रधान, ओमपाल सिरोही, सुबे सिंह, सैंसरपाल, नितिन बाना, सुभाष, रहीशपाल, डा.एसपी सिंह, इदरीश कुरैशी, योगेश जाखड़, रामपाल त्यागी, अब्बास अली, सुरेंद्र सिरोही, ब्रह्मपाल तेवतिया, प्रदीप तेवतिया आदि मौजूद रहे।