कुचेसर चौपला। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बागड़पुर निवासी दंपती की केदारनाथ जाते समय उत्तराखंड के ऋषिकेश प्रयाग में कैंटर की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों शादी के 12 साल पूरे होने के बाद दर्शन करने के लिए केदारनाथ जा रहे थे। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार बागड़पुर निवासी पंकज (33) एसी ठीक करने का कार्य करते थे। मंगलवार दोपहर बाद वे अपनी पत्नी संगीता (30) और दूसरी बाइक पर सवार दोस्त और उसकी पत्नी के साथ बाइकों से केदारनाथ दर्शन के लिए निकले थे। परिजनों ने बताया कि हाल ही में उनकी शादी की वर्षगांठ थी। मंगलवार की रात को उन्होंने उत्तराखंड के ऋषिकेश के होटल में रात गुजारी और सुबह फिर आगे के लिए रवाना हो गए। लेकिन जैसे ही दोनों बुधवार दोपहर उत्तराखंड के प्रयाग में पहुंचे तो कैंटर की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई। उत्तराखंड पुलिस ने मृतकों के परिजनों को देते हुए शवों का पोस्टमार्टम कराया।
हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बताया गया कि पंकज की शादी बाबूगढ़ छावनी निवासी संगीता के साथ 12 वर्ष पहले हुई थी। शादी के 12 वर्ष बीतने के बाद भी दोनों के कोई भी संतान नहीं हो पाई थी। संतान प्राप्ति के लिए मन्नत मांगने दोनों बाइक पर सवार होकर केदारनाथ दर्शन के लिए जा रहे थे। पंकज पहले भी केदारनाथ जाते रहे हैं, लेकिन पत्नी पहली बार उनकी साथ गई थीं। परिवार में पंकज का छोटा भाई रिंकू भी है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन शव लेने के लिए उत्तराखंड रवाना हो गए। देर शाम तक गांव में शवों का इंतजार था।