भूमि अधिग्रहण को लेकर ज्यादा मुआवजे की मांग कर रहे किसानों की अब लाटरी खुल गई है। सरकार ने नये भूमि अधिग्रहण कानून पर अमल शुरू कर दिया है। इससे जिले के किसान रातोंरात करोड़पति बन जाएंगे।
एनएचएआई ने एचएच-235 के लिए भूअर्जन करते हुए सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देना पहले ही शुरू कर दिया है। अब रेलवे ने भी इसी रेट पर फ्रंट कॉरिडोर परियोजना के लिए मुआवजा देना स्वीकार किया है।
यह गांव रामपुर के किसानों द्वारा लेदर सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध का परिणाम है। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने पुराना भूमि अधिग्रहण कानून रद्द कर नया कानून बनाने का आदेश दिया था। उल्लेखनीय है कि एचपीडीए ने रामपुर समेत चार गांवों के किसानों की भूमि लेदर सिटी के लिए काफी कम रेट पर अधिग्रहीत की थी।
उक्त आदेश से लेदर सिटी का भू अर्जन भी रद्द हो गया था। हालांकि अब नये भूमि अधिग्रहण कानून के तहत 80 प्रतिशत किसानों की सहमति और सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाना जरूरी कर दिया गया है।
इसीलिए मेरठ से बुलंदशहर तक बनने वाले मार्ग एचएच-235 के लिए जिन गांवों के किसानों की भूमि का अर्जन किया गया है, उन्हें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाना शुरू हो चुका है। इस रेट पर किसान खुशी से जमीन दे रहे हैं। अब रेलवे ने भी डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर परियोजना के लिए सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की घोषणा की है।
लुधियाना से कोलकता तक बिछने वाली रेलवे का फ्रंट कॉरिडोर हापुड़ के हृदयपुर, साब्दीपुर, मोरपुर, नवादा, हाफिजपुर, उबारपुर,चितौली, रघुनाथपुर, निजामपुर, कस्तला, बदनौली, नगौला और सरावा के आसपास से होता हुआ मेरठ की ओर जाएगा। इसके साथ ही बुलंदशहर और मेरठ के सैकड़ों किसानों को भी बढ़े मुआवजे का लाभ मिलेगा।
रेलवे के आला अफसर डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर परियोजना को लेकर गंभीर हैं। हाल ही में रेलवे अफसरों ने विश्वबैंक की टीम के साथ उबारपुर गांव में किसानों के साथ एक बैठक कर उनके मन की बात जानी थी। इसकी अध्यक्षता जाट महासभा हापुड़ के अध्यक्ष चौधरी जंग बहादुर सिंह ने की।
सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा तथा प्रत्येक हेक्टेयर जमीन पर पांच लाख रुपये अतिरिक्त दिये जाने की घोषणा होने पर किसान सहज ही भूमि देने को सहमत हो गए। चौधरी जंग बहादुर सिंह ने बताया कि उनके गांव का सर्किल रेट 65, 85 और 90 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है।
हालांकि नये सर्किल रेट में 10 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है। लेकिन वर्तमान के सबसे कम सर्किट रेट 65 लाख रुपये हेक्टेयर वाली जमीन का मुआवजा भी 2.60 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेगा। प्रति हेक्टेयर 5 लाख रुपये अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा।
अफसरों के अनुसार किसानों को दिसंबर 2016 तक मुआवजा वितरित कर दिया जायेगा। असौड़ा और धीरखेड़ा के किसानों को एचएच-235 के लिए सर्किल रेट 1.60 से 1.80 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर पर चार गुना मुआवजा 6.40 करोड़ रुपये से 7.20 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर मिला है।
जिन किसानों की जमीन एनएच-235 और रेलवे के कोरिडोर के लिए अधिग्रहीत की जा रही है, वह रातों रात करोड़पति हो जाएंगे। इस पैसे से दूसरे गांवों में जाकर किसान पहले अधिक जमीन खरीद सकेंगे।