प्रीत विहार आवासीय योजना के पास रेलवे पुल के नीचे से सड़क बना रहे एचपीडीए की कवायद पर रेलवे ने अड़ंगा लगा दिया है। केंद्र में सत्ता होने के बावजूद जनहित के मामले में भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल के अनुरोध को भी रेलवे के डीआरएम (मुरादाबाद) ने नहीं माना।
इससे प्रीत विहार से मोदीनगर मार्ग नहीं जुड़ सका और छह माह से प्राधिकरण का कार्य अधूरा पड़ा है। जबकि यहां सिर्फ रेलवे पुल के नीचे बहने वाले छोइया के बराबर में सड़क बनाने की मंजूरी दी जानी है। हापुड़ से दिल्ली की ओर जाने वाली रेलवे लाइन एचपीडीए की प्रीत विहार आवासीय योजना के पास से होकर गुजरती है।
इस रेलवे लाइन के नीचे छोइया बहता है, जो प्रीत विहार से होकर गुजरता है। छोइया नाला थोड़ी ही जगह से होकर बहता है, जबकि बाकी जगह खाली है, जो ऊबड़-खाबड़ है। यहां दोपहिया वाहन चालक निकलते रहते हैं। लोगों ने करीब छह माह पहले प्राधिकरण के अधिकारियों को पत्र लिखकर मांग उठाई थी।
रेलवे पुल के नीचे छोइया के बराबर में सड़क बना दी जाए, ताकि प्रीत विहार और दिल्ली रोड, मोदीनगर रोड तक छोटे वाहनों के लिए संपर्क मार्ग बन जाए। एचपीडीए के अधिकारियों ने सर्वे कराकर प्रीत विहार में कुछ काम कराया ही था कि रेलवे अधिकारियों ने पुल के दोनों ओर पिलर गड़वा कर रास्ता बंद करवा दिया।
जबकि गाजियाबाद में हिंडन नदी पर इसी तरह की सुविधा को रेलवे ने दे रखी है। एचपीडीए के वीसी आरके सिंह के अनुरोध पर तत्कालीन डीएम अजय यादव ने भी मुरादाबाद के डीआरएम को पत्र भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। एक इंजीनियर को भी वहां भेजा गया था।
इतना ही नहीं मामला संज्ञान में आने पर भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने तत्कालीन डीआरएम मुरादाबाद सुधीर अग्रवाल से दो बार वार्ता की थी, लेकिन उन्होंने केंद्र में भाजपा की सत्ता होने के बाद भी सांसद की नहीं सुनी। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि वह इसी सप्ताह मौका मुआयना कर रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से मुलाकात करेंगे।
वह जनहित के कार्य के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उल्लेखनीय है कि इस अंडरपास (सड़क) की मंजूरी मिलने से बड़ी संख्या में दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकोें को हापुड़ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।