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Hapur News: आनंद विहार और प्रीत विहार में 135 करोड़ में नीलाम हुए 25 भूखंड

Mon, 18 Mar 2024 10:48 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। एचपीडीए द्वारा आवासीय व अनावासीय भूखंडों की नीलामी की जा रही है। प्राधिकरण की महायोजना लागू होने के बाद से निवेशकों में काफी रूचि बढ़ी है। हाल ही में 25 भूखंडों की बिक्री के सापेक्ष प्राधिकरण को 33.50 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। जबकि इनकी कुल कीमत 135 करोड़ रही है। बड़ी बात है कि प्राधिकरण के इन भूखंडों में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और शॉपिंग मॉल जैसे भवन विकसित किए जाएंगे।
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प्राधिकरण ने आचार संहिता लगने से पहले 28 फरवरी को ही इस नीलामी को संपन्न करा दिया था। नीलामी में भूखंडों के अलावा आवासीय ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्य कार्यालय स्थान, सामुदायिक स्थान, स्वास्थ्य केंद्र स्थान, शैक्षिक स्थान एवं दुकानों की ऑनलाइन नीलामी हुई। इसके लिए कुल 200 आवासीय और अनावासीय भूखंडों में से 24 आवासीय भूखंडों व एक दुकान की बिक्री हुई। इनमें सबसे बड़ा भूखंड आनंद विहार जीएच वन में 20168.85 वर्ग मीटर क्षेत्र में कुल 46 करोड़ 89 लाख 25 हजार 763 रुपये में अनंतम इंटरप्राइजेज ने खरीदा है। इस भूमि में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी विकसित करने की योजना है। वहीं आनंद विहार में के 2-2 में 9607 वर्ग मीटर के भूखंड की नीलामी हुई है। इसे 22 करड़ 33 लाख 73 हजार 213 रुपये में एम एडं एम प्रोटेेक प्राइवेट लिमिटेड ने ग्रुप हाउसिंग के लिए ही खरीदा है। इसके साथ ही आनंद विहार में ही डी ब्लॉक मेंं 5497.60 वर्ग मीटर में 17 करोड़ 20 लाख 74 हजार 880 रुपये में सेक्टर शॉपिंग मॉल प्रस्तावित है। इसे मॉल ब्रोस इंफ्रा डवलपर प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा है। यह ई-नीलामी आनंद विहार, प्रीत विहार, ट्रांसपोर्ट नगर, टेक्सटाइल सेंटर में स्थित आवासीय, व्यवसायिक, दुकान, गोदाम आदि के लिए की गई है। निवेशकों ने सर्किल रेट से चार से पांच गुना तक बोली लगाकर आवासीय भूखंड खरीदे।



रजिस्ट्रेशन से ही प्राधिकरण को प्राप्त हुए 33.50 करोड़
प्राधिकरण को अपने 25 भूखंड आवंटित करने के लिए जहां 135 करोड़ प्राप्त हुए, वहीं रजिस्ट्रेशन शुल्क प्राप्त करने में भी प्राधिकरण आगेे रहा है। रजिस्ट्रेशन के लिए प्राधिकरण को 33.50 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। हालांकि इसमें से जिन्हें भूखंड आवंटित नहीं हुए उन्हें धनराशि वापस कर दी गई। कुल मिलाकर इन्वेस्टर्स समिट के सार्थक परिणाम अब जिले में आने शुरू हो गए हैं। बड़ी परियोजनाओं की स्थापना को लेकर निवेशकोंं की दिलचस्पी का असर आवासीय कालोनियों पर भी दिखाई देना शुरू हो गया है।
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कोट -

एचपीडीए उपाध्यक्ष डॉ. नितिन गौड़ का कहना है कि यह प्राधिकरण की महायोजना लागू होने के बाद बड़े निवेशकों की दिलचस्पी भी यहां बढ़ी है, यह प्राधिकरण के लिए अच्छे संकेत हैं।
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