गांव धनौरा से प्रस्तावित एनएच-235 पर सोमवार को काम करने पहुंचे एनएचएआई कर्मचारियों को ग्रामीणों ने सोमवार को खदेड़ दिया। ग्रामीणों ने सही माप करने, लाइन शिफ्टिंग और प्रभावित नलकूपों का उचित मुआवजा देने पर ही कार्य करने की चेतावनी दी।
जल्द राहत नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञात हो कि पिछले दिनों एनएचएआई कर्मचारियों ने धनौरा गांव में प्रस्तावित 60 मीटर चौड़ाई वाले एनएच-235 पर पुराने निशानों को हटाकर नए निशान लगा दिए थे।
ऐसे में हाईवे करीब डेढ़ मीटर दक्षिण दिशा में खिसक गया था। ग्रामीणों ने पुराने निशानों के आधार पर ही कार्य करने की बात कहकर तब एनएचएआई कर्मियों को खदेड़ दिया था। सोमवार को फिर से एनएचएआई की टीम प्रस्तावित हाईवे पर कार्य करने के लिए पहुंची।
टीम ने फिर से नए निशानों के आधार पर कार्य करना शुरू कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने कर्मियों को खदेड़ दिया। किसान जयभगवान त्यागी, तपेश त्यागी, अमर सिंह त्यागी, कालीचरन त्यागी, नरेश त्यागी ने बताया कि हाईवे के खिसकने से उनकी अधिक जमीन चली जाएगी।
जिसका उन्हें मुआवजा भी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि वह काफी समय से मुआवजा गांव असौड़ा की तर्ज पर दिलाने, विद्युत लाइन की शिफ्टिंग और प्रभावित नलकूपों का मुआवजा दिलाने की मांग उठा रहे हैं।
इन समस्याओं को तो अभी तक समाधान नहीं हुआ है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इस दौरान जयभगवान त्यागी, धर्म सिंह, बुद्धप्रकाश त्यागी, लाला, बीनू, ब्रह्म सिंह त्यागी, यशवीर त्यागी, टेकचंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
एसडीएम अजय श्रीवास्तव का कहना है कि इस संबंध में ग्रामीणों और एनएचएआई के अधिकारियों के बीच बैठकर कराकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।