हापुड़। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने कहा कि हिंदी देश को जोड़ने वाली और संस्कृति की पहचान बनाने वाली भाषा है। राष्ट्रीय एकता और विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने का काम करती है। भारत के लोग हिंदी भाषा में सोचने और लिखने में गर्व महसूस करें। वह मंगलवार को कचहरी स्थित बार सभागार में अधिवक्ता परिषद ब्रज जनपद इकाई हापुड़ की ओर से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
न्यायमूर्ति ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी में लिखी हिंदी को भारत संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता प्रदान की थी। इसका उद्देश्य हिंदी भाषा को सम्मान और उसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना था। यह दिन राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करता है। हिंदी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण व हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपराओं का संरक्षण करती है। भारत की विरासत को समृद्ध करती है।
अधिवक्ता परिषद ब्रज उप्र व उत्तराखंड के क्षेत्रीय संयोजक विपिन त्यागी ने मातृभाषा को दैनिक जीवन में और अधिक प्रयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी को प्रत्येक कार्यालय में हिंदी भाषा का ही प्रयोग करना चाहिए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधीकरण के पीठासीन अधिकारी गुरुप्रीत सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पीयूष पांडेय व प्रभारी जिला जज हापुड़/अपर जिला जज प्रथम विपिन कुमार द्वित्तीय रहे।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारीगण व प्रदेश मंत्री शंकर लाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अधिवक्ता परिषद ब्रज सत्यपाल सिंह तोमर, अध्यक्ष शिवमंगल लाल, बलराम तोमर, विमल प्रजापति, आदित्य शर्मा, विवेक गर्ग, गौरव शर्मा, अनोद श्रीवास्तव, मुकेश त्यागी, मुकेश शर्मा, नरेश शर्मा आदि मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान कचहरी में जमकर हुई नारेबाजी
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने अधिवक्तओं के साथ जमकर नारेबाजी की। हापुड़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल ने बताया कि कार्यक्रम के नाम पर कुछ लोगों ने गुमराह किया है। उनकी जनरल बॉडी की बैठक होनी थी। इसका अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जोरदार विरोध किया था। बिना बार एसोसिएशन की अनुमति के बार रूम में कार्यक्रम नहीं होना चाहिए था। न्यायिक अधिकारियों को भी बताया गया कि यह कार्यक्रम हापुड़ बार एसोसिएशन का नहीं था। सचिव वीरेंद्र सैनी समेत बार पदाधिकारियों ने न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता से जल्द से जल्द जिला न्यायालय भवन का निर्माण कराने की मांग की, जिससे अधिवक्ताओं के साथ साथ वादकारियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। पदाधिकारियों ने बताया कि जिला न्यायालय भवन के निर्माण का नक्शा पास होकर शासन को भेजा गया है।