गर्मी, छात्राओं ने निकाला छाता
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अप्रैल माह के शुरू में ही तापमान बढ़ने लगा है। दोपहर में लू चलने से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
गर्मी ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी के कारण लोग दोपहर के समय में घरों से निकलने से बचते दिखाई दिए। लोगों का कहना था कि जब अप्रैल में ही इतनी गर्मी है तो जून, जुलाई में क्या होगा।
डा.जीवोत्तम नारंग का कहना है कि तापमान चढ़ने के साथ ही लू लगने की संभावना रहेगी। ऐसे में लोगों को घरों से बाहर निकलने से पहले अपने शरीर को पूरी तरह से ढकना होगा। उन्होंने बताया कि गर्मी में खाली पेट घर से बाहर निकलना खतरनाक साबित हो सकता है। साथ पानी खूब पिएं।
सांस के रोगियों के लिए खतरनाक
गर्मी बढ़ने के साथ धूल भरी हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं। सांस के रोगियों के लिए यह मौसम बेहद खतरनाक है। अस्पतालों में धूल से एलर्जी वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
डा. गौरव मित्तल का कहना है कि सांस के मरीज मास्क आदि लगाकर रखें। धूल भरी हवा से बच कर रहें और गेहूं की निकासी के समय उड़ने वाली धूल से भी सावधानी बरतें।