जिले में पिछले कई दिनों से तापमान तीन और चार डिग्री के आसपास बना हुआ है। ठिठुरन और गलन से लोगों का हाल बेहाल है। ऐसे मौसम में सबसे अधिक मुश्किल दिल और सांस के रोगियों को हो रही है। अस्पताल में ऐसे रोगी आ रहे हैं जिन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सीने और पेट में दर्द की शिकायत लेकर भी लोग इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार सर्दियों में सांस की नली सिकुड़ जाती है, जिससे सांस लेने में अस्थमा के रोगियों को काफी दिक्कत होती है। वहीं, खून की नलियों के सिकुड़ने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। सर्दियों में शरीर से पसीना बाहर नहीं निकलता इससे शरीर में नमक की मात्रा बढ़ जाती है।
इससे ब्लड प्रेशर अधिक हो जाता है। ऐसे मौसम में कम मात्रा में पानी पीना ब्लड प्रेशर का कारण बनता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से ही दिल के रोगियों को खतरा बढ़ जाता है और हार्ट अटैक के मामले देखने को मिलते हैं।
डॉ. जीवोत्तम नारंग ने बताया कि इस समस्या को लेकर हर रोज 30 से 35 लोग पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर लोग सर्दी से पीड़ित हैं। सांस लेने में दिक्कत, पेट और सीने में दर्द की शिकायत के मरीज बढ़े हैं।
पानी कम पीने और शारीरिक सक्रियता कम होने के कारण पेट दर्द की शिकायत लोगों को हो रही है। ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
पानी पीना कम न करें, पानी लगातार पीते रहें।
दिल के मरीज रोजाना कसरत करें।
ब्लड प्रेशर, शुगर की नियमित जांच कराएं।
कम कैलोरी वाला भोजन ग्रहण करना चाहिए।
परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।