मुस्लिम बाहुल्य व साठा का उद्गम माने जाना वाले गांव देहरा के मध्य स्थापित चेतक पर सवार महाराणा प्रताप की प्रतिमा इस बात की आज भी तसदीक करती है कि भले ही वक्त के झंझावात शक्ल बदलने में सफल रहे, लेकिन नस्लों में आज भी राष्ट्रवादी विचारधारा पलती है।
देहरा निवासी आकिल पहलवान बताते हैं कि धर्म रक्षक हिंदुत्व पुरोधा महाराणा प्रताप की विचारधारा से प्रभावित मुस्लिम बाहुल्य गांव देहरा में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम है। इसका उदाहरण गांव में बने मंदिर और मस्जिद सदियों से एक ही नींव पर मौजूद हैं। वकील चौधरी कहते हैं कि जब-जब आपसी एकता और भाईचारा की बात आई तो देहरा गांव ने अभिभावक का दायित्व निभाया है।
ग्राम प्रधान मोमिन खां ने कहा हमें अपने पूर्वजों पर गर्व है। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं से लोहा लेते हुए स्वाभिमान को कायम रखा। उन्होंने कहा कि साठा चौरासी में देहरा के हिंदू- मुस्लिम भाई चारे की मिसाल दी जाती है। जो भी हुआ उसका दोनों समुदाय आपस में मिल बैठकर समाधान करने का प्रयास करेंगे।